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सर्दी-खांसी में मुलेठी के सेवन के फायदे और नुकसान

सर्दी-खांसी के दौरान मुलेठी का सेवन फायदेमंद हो सकता है, लेकिन इसके अधिक सेवन से स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकते हैं। जानें मुलेठी के सेवन के फायदे और नुकसान, और कैसे इसे सुरक्षित रूप से उपयोग करें।
 

सर्दी-खांसी में मुलेठी का महत्व

बदलते मौसम में सर्दी, खांसी और गले में खराश आम समस्याएं बन जाती हैं। ऐसे में मुलेठी का सेवन काफी लाभकारी हो सकता है। यह गले को आराम पहुंचाने में मदद करती है, लेकिन इसका अत्यधिक सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।


मुलेठी के अधिक सेवन के दुष्प्रभाव

अधिक मात्रा में मुलेठी का सेवन करने से शरीर में ग्लाइसीराइजिन पॉइजनिंग हो सकती है, जिससे नमक, पानी और हार्मोन का संतुलन बिगड़ जाता है। इसके परिणामस्वरूप कई स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, जैसे उच्च रक्तचाप, पोटेशियम की कमी और दिल की धड़कन में असामान्यता।


मुलेठी के सेवन से होने वाले 5 प्रमुख नुकसान

गले की खराश के लिए मुलेठी का अधिक सेवन नुकसानदायक हो सकता है, जैसा कि नेशनल सेंटर फॉर कॉम्प्लेंट्री एंड इंटीग्रेटिव हेल्थ ने बताया है।


1. उच्च रक्तचाप में वृद्धि: मुलेठी में मौजूद ग्लाइसीराइजिन शरीर में सोडियम और पानी को रोकता है, जिससे रक्तचाप बढ़ता है।


2. पोटेशियम की कमी: अधिक मुलेठी खाने से शरीर से पोटेशियम बाहर निकल जाता है, जिससे थकान और मांसपेशियों में ऐंठन हो सकती है।


3. गर्भावस्था में मुलेठी का सेवन न करें: गर्भावस्था के दौरान मुलेठी का सेवन सुरक्षित नहीं है, क्योंकि यह समय से पहले डिलीवरी का खतरा बढ़ा सकता है।


4. दिल की धड़कन में असामान्यता: पोटेशियम की कमी और उच्च रक्तचाप के कारण दिल की धड़कन में गड़बड़ी हो सकती है, जिससे कार्डियक अरेस्ट का खतरा बढ़ जाता है।


5. हार्मोनल असंतुलन: मुलेठी का अधिक सेवन कोर्टिसोल हार्मोन के टूटने में बाधा डालता है, जिससे सिरदर्द, चक्कर आना और महिलाओं में मासिक धर्म में गड़बड़ी हो सकती है।


गले की खराश में मुलेठी के फायदे

एक रिपोर्ट के अनुसार, मुलेठी एक प्राकृतिक एक्सपेक्टोरेंट है, जो कफ को कम करने और खांसी से राहत देने में सहायक है। इसके सूजन-रोधी गुण गले की जलन को शांत करने में मदद करते हैं।


गले की खराश से बचने के उपाय

- समय पर फ्लू का टीका लगवाएं।


- साबुन और पानी या सैनिटाइजर से हाथों को बार-बार धोएं।


- खाने-पीने की चीजें या बर्तन साझा न करें।


- सर्दी-जुकाम से ग्रस्त लोगों से दूरी बनाएं।


- खुद बीमार होने के बाद दूसरों के संपर्क में आने से बचें, ताकि संक्रमण न फैले।