सहजन: एक सुपरफूड जो स्वास्थ्य के लिए है वरदान
सहजन का महत्व
सुपरफूड के रूप में सहजन: मोरिंगा, जिसे हिंदी में सहजन कहा जाता है, को विश्वभर में एक सुपरफूड माना जाता है। यह पौधा न केवल भारत में, बल्कि कई अन्य देशों में भी पाया जाता है। आयुर्वेद में इसे औषधीय गुणों के लिए सदियों से उपयोग किया जाता रहा है। इसकी सभी भागों, जैसे फलियां, पत्तियां, फूल, बीज और जड़ें, पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं। इसी कारण संयुक्त राष्ट्र ने इसे कुपोषण से लड़ने में सहायक पौधों में शामिल किया है।
नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन की रिपोर्ट: मोरिंगा को पोषण का खजाना माना जाता है। इसमें सभी आवश्यक विटामिन और मिनरल्स जैसे कैल्शियम, पोटेशियम, आयरन, और एंटीऑक्सीडेंट्स की भरपूर मात्रा होती है।
क्या सहजन सबसे शक्तिशाली सब्जी है?
सहजन को दुनिया की सबसे शक्तिशाली सब्जी कहना गलत नहीं है, क्योंकि इसमें पोषक तत्वों की घनत्व बहुत अधिक है। हालांकि, कोई भी एक खाद्य पदार्थ सभी पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा नहीं कर सकता। इसलिए विशेषज्ञ संतुलित आहार के साथ सहजन को शामिल करने की सलाह देते हैं।
क्या मोरिंगा में दूध से ज्यादा कैल्शियम है?
सोशल मीडिया पर यह दावा किया जाता है कि सहजन में दूध से 3-4 गुना ज्यादा कैल्शियम होता है। यह तुलना आमतौर पर 100 ग्राम सूखी मोरिंगा पत्तियों और अन्य खाद्य पदार्थों के पोषण मूल्य पर आधारित होती है। सूखी पत्तियों में पानी की मात्रा कम होती है, जिससे पोषक तत्व अधिक संकेंद्रित हो जाते हैं।
मोरिंगा के स्वास्थ्य लाभ
हड्डियों को मजबूत बनाना: सहजन की पत्तियों में कैल्शियम, फॉस्फोरस और मैग्नीशियम होते हैं, जो हड्डियों और दांतों के लिए आवश्यक हैं।
इम्यूनिटी बढ़ाना: विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।
डायबिटीज में सहायक: मोरिंगा ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है।
दिल की सेहत: एंटीऑक्सीडेंट्स और पॉलीफेनॉल दिल के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होते हैं।
पाचन और त्वचा के लिए फायदेमंद: फाइबर पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है और विटामिन त्वचा को स्वस्थ रखते हैं।
सहजन का सेवन कैसे करें?
भारत में सहजन की सब्जी, सूप, पराठे और चटनी बनाई जाती है। बाजार में मोरिंगा पाउडर और कैप्सूल भी उपलब्ध हैं। हालांकि, प्राकृतिक रूप में ताजे पत्तों और फलियों का सेवन अधिक फायदेमंद होता है। गर्भवती महिलाओं को इसका सेवन डॉक्टर की सलाह पर करना चाहिए।