सावन में सेहतमंद रहने के लिए सही आहार का चयन
सावन का महीना और स्वास्थ्य
सावन का महीना धार्मिक महत्व के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए भी खास माना जाता है। इस दौरान मानसून में नमी बढ़ने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, जबकि पाचन तंत्र भी धीमा हो जाता है।
इसलिए, इस महीने में आहार में कुछ विशेष परिवर्तन करना आवश्यक है। संतुलित और सात्विक आहार सेहत को सुधारने में मदद करता है। सावन में ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए जो आसानी से पच जाएं, शरीर में पानी की कमी को पूरा करें और पोषक तत्वों से भरपूर हों। इस दौरान तामसिक और प्रोसेस्ड फूड्स से बचना चाहिए। आइए जानते हैं इस मौसम में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं।
सावन के महीने में क्या खाएं?
डाइटिशियन के अनुसार, सावन में व्रत रखने या सामान्य भोजन करने की स्थिति में हल्का और संतुलित आहार लेना आवश्यक है। इस मौसम में ऐसे खाद्य पदार्थों को शामिल करें जिन्हें पचाना आसान हो।
- इस मौसम में मौसमी फलों जैसे केला, सेब, पपीता और अनार का सेवन करें।
- ये आपके शरीर को ऊर्जा और हाइड्रेशन प्रदान करेंगे।
- कुट्टू, सिंघाड़े और अमरंथ (राजगिरा) का आटा भी खाएं।
- इसके अलावा, दूध, दही, छाछ और पनीर को अपने आहार में शामिल करें, जिससे शरीर को प्रोटीन और कैल्शियम मिलेगा।
- आलू, कद्दू, लौकी और कच्चे केले जैसी सब्जियों को अपने भोजन में अवश्य शामिल करें।
- सूखे मेवे, मखाना और सेंधा नमक का सेवन करें, जिससे शरीर को ताकत मिलेगी और इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बना रहेगा।
- मानसून में गुनगुना पानी, नारियल पानी और सौंफ-अजवाइन का पानी पीने से शरीर में पानी की कमी नहीं होगी और पाचन भी सही रहेगा।
सावन के महीने में क्या न खाएं?
ध्यान रखें कि सावन में भारी भोजन से बचना चाहिए, क्योंकि इसे पचाना कठिन होता है। रात में हल्का भोजन करना बेहतर है, जैसे कि सूप।
- गेहूं, दाल और बेसन को अपने आहार से हटा दें।
- लहसुन, प्याज और मसालेदार खाद्य पदार्थों से दूर रहें।
- नॉनवेज फूड्स, अंडे और शराब से दूरी बनाना सबसे अच्छा है।
- तले-भुने और पैकेज्ड खाद्य पदार्थों से बचें, क्योंकि ये पाचन तंत्र को प्रभावित कर सकते हैं।
- इस मौसम में हरी पत्तेदार सब्जियां और बैंगन का सेवन न करें, क्योंकि इससे बैक्टीरियल संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।