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स्तनपान में कमी: जानें कारण और समाधान

स्तनपान में कमी एक सामान्य समस्या है, जिसका सामना कई नई माताएं करती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह अस्वस्थ जीवनशैली और गर्भावस्था के दौरान सही आहार की कमी के कारण होता है। डॉ. बिंदु शर्मा ने इस विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है, जिसमें दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए घरेलू उपाय और होम्योपैथी के लाभ शामिल हैं। जानें कैसे आप इस समस्या का समाधान कर सकते हैं और अपने बच्चे के लिए स्वस्थ स्तनपान सुनिश्चित कर सकते हैं।
 

स्तनपान के लिए सुझाव

स्तनपान के सुझाव: कई महिलाएं डिलीवरी के बाद इस समस्या का सामना करती हैं कि उनके बच्चे को पर्याप्त दूध नहीं मिल रहा है। हाल के वर्षों में, चिकित्सा रिपोर्टों में यह पाया गया है कि नई माताओं के शरीर में दूध का उत्पादन कम हो रहा है, जिसके कारण शिशुओं को सॉल्यूशन मिल्क देना पड़ता है। यह मिल्क महंगा होता है, जिससे हर कोई इसे खरीद नहीं पाता। आइए जानते हैं कि महिलाओं के शरीर में दूध का उत्पादन क्यों कम होता है, इस पर डॉ. बिंदु शर्मा की राय।


विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञ क्या कहते हैं?


डॉ. बिंदु शर्मा, जो डॉ. बात्रा’ज हेल्थकेयर की निदेशक हैं, बताती हैं कि यह समस्या आजकल आम हो गई है। यह मुख्यतः अस्वस्थ जीवनशैली के कारण हो रहा है। जो महिलाएं गर्भावस्था के दौरान सही आहार पर ध्यान नहीं देतीं, उनके साथ यह समस्या अधिक होती है। हालांकि, डॉक्टर का कहना है कि घबराने के बजाय समस्या को समझना और सही कदम उठाना आवश्यक है।


आंकड़ों में तथ्य

आंकड़ों में सामने आई जानकारी


स्तनपान हर शिशु के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह केवल भोजन नहीं है, बल्कि बच्चे की इम्यूनिटी को बढ़ाने और विकास में भी सहायक है। मां के दूध में ऐसे पोषक तत्व होते हैं जो बच्चे की सेहत को मजबूत बनाते हैं। एक सर्वेक्षण के अनुसार, भारत में 70% से अधिक माताओं को स्तनपान कराना कठिन लगता है, फिर भी वे अपने बच्चे को कम से कम एक साल तक दूध पिलाने का प्रयास करती हैं।


दूध कम होने के कारण

दूध कम होने के कारण



  • डिलीवरी के बाद थकान और तनाव।

  • गर्भावस्था के दौरान चिंता या अवसाद।

  • बच्चे का सही तरीके से दूध न पीना।

  • अनियमित दूध पिलाना।

  • गर्भावस्था या स्तनपान के दौरान पौष्टिक आहार का अभाव।

  • बीमारी जैसे डायबिटीज या उच्च रक्तचाप।


होम्योपैथी का प्राकृतिक उपाय

होम्योपैथी दूध बढ़ाने का प्राकृतिक तरीका


ऐसी माताओं का उपचार केवल दवाओं से नहीं, बल्कि भावनात्मक रूप से भी करना आवश्यक है। होम्योपैथी में प्रयुक्त दवाएं प्राकृतिक और हल्की होती हैं, जो बिना किसी नुकसान के प्रभावी होती हैं।


फायदे

फायदे



  • होम्योपैथी दवा से दूध की गुणवत्ता और मात्रा में वृद्धि।

  • मां और बच्चे के लिए सुरक्षित।

  • दवा के सेवन से कोई साइड इफेक्ट नहीं।


दूध उत्पादन बढ़ाने के घरेलू उपाय

दूध उत्पादन बढ़ाने के घरेलू उपाय



  • अरंडी के बीज का सेवन करें।

  • खाली पेट भिगोई हुई मेथी दाने खाएं।

  • सौंफ का सेवन करें।

  • मसूर की दाल खाएं।

  • जीरा और गुड़ का सेवन करें।

  • ओट्स का सेवन करें।

  • तिल का सेवन करें।

  • स्ट्रेस कम करने के लिए योग और मेडिटेशन करें और पर्याप्त नींद लें।