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स्मोकिंग और कोलेस्ट्रॉल: स्वास्थ्य पर प्रभाव और संतुलन के उपाय

स्मोकिंग का स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ता है, विशेषकर कोलेस्ट्रॉल के स्तर पर। यह लेख बताता है कि कैसे धूम्रपान करने से LDL और HDL के स्तर में बदलाव आता है और इससे दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ता है। साथ ही, कोलेस्ट्रॉल को संतुलित रखने के लिए कुछ महत्वपूर्ण उपाय भी साझा किए गए हैं। जानें कि आप अपने स्वास्थ्य को बेहतर कैसे बना सकते हैं।
 

स्मोकिंग का बढ़ता प्रचलन

दुनिया भर में धूम्रपान करने वालों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, लगभग 1.3 अरब लोग तंबाकू का सेवन करते हैं, जिनमें से अधिकांश कम और मध्यम आय वाले देशों से हैं। सिगरेट पीना सबसे सामान्य तरीका है, लेकिन सिगार, हुक्का, खैनी, पाइप, गुटका और हाथ से बनी बीड़ी भी तंबाकू के अन्य रूप हैं।


कोलेस्ट्रॉल क्या है?

कोलेस्ट्रॉल एक मोम जैसा वसा है, जो शरीर के लिए आवश्यक है। यह सीधे रक्त में नहीं घुलता, इसलिए यह लिपोप्रोटीन के माध्यम से शरीर में यात्रा करता है। लिपोप्रोटीन प्रोटीन और वसा का मिश्रण होता है, जो रक्त के जरिए कोलेस्ट्रॉल को पूरे शरीर में पहुंचाता है।


LDL और HDL के प्रकार

LDL (लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन) को खराब कोलेस्ट्रॉल माना जाता है। यदि इसका स्तर बढ़ता है, तो यह आर्टरी की दीवारों पर प्लाक बना सकता है, जिससे स्ट्रोक और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है। दूसरी ओर, HDL (हाई डेंसिटी लिपोप्रोटीन) को अच्छा कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है, जो अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल को लिवर तक ले जाकर शरीर से बाहर निकालता है।


स्मोकिंग का कोलेस्ट्रॉल पर प्रभाव

एक अध्ययन में यह पाया गया कि धूम्रपान करने वालों की लिपिड प्रोफाइल धूम्रपान न करने वालों की तुलना में खराब होती है। पुरुषों में 9.6% और महिलाओं में 16.9% ट्राइग्लिसराइड्स अधिक होते हैं। धूम्रपान छोड़ने से लिपिड स्तर में सुधार होता है, लेकिन इसके प्रभाव लंबे समय तक रह सकते हैं।


स्मोकिंग से कोलेस्ट्रॉल को नुकसान

धूम्रपान से शरीर में कोलेस्ट्रॉल जमा होने की प्रक्रिया तेज हो जाती है। सिगरेट के धुएं में मौजूद केमिकल्स, जैसे एक्रोलिन, HDL के कार्य को प्रभावित करते हैं और LDL के ऑक्सीडेशन को बढ़ाते हैं। इससे कोलेस्ट्रॉल लिवर तक नहीं पहुंच पाता और रक्त में बना रहता है।


हार्ट की बीमारियों का खतरा

धूम्रपान ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर को बढ़ाता है, जिससे रक्त के थक्के बनने की संभावना बढ़ जाती है। यह रक्त वाहिकाओं को संकीर्ण कर देता है, जिससे दिल और मस्तिष्क तक रक्त का प्रवाह बाधित हो सकता है।


कोलेस्ट्रॉल को संतुलित रखने के उपाय

मीठे पेय पदार्थों से बचें।


धूम्रपान छोड़ें।


लंच के बाद टहलें।


सीढ़ियों का उपयोग करें।


सप्ताह में 150 मिनट व्यायाम करें।


शराब का सेवन न करें।


राजमा, दलिया, नाशपाती और सेब का सेवन करें।


ट्रांस फैट्स से बचें।


ओमेगा-3 फैटी एसिड युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करें।


यदि डॉक्टर ने दवा लिखी है, तो उसे नियमित रूप से लें।


डॉक्टर से कब संपर्क करें

सीने में दर्द, अत्यधिक थकान, सांस लेने में कठिनाई, हाथ-पैरों में दर्द या सुन्नपन।


यदि लिपिड प्रोफाइल टेस्ट में LDL 100 mg/dL से अधिक या HDL 40 mg/dL से कम हो।