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हरियाणा में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मेदांता फाउंडेशन के साथ समझौता

हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए मेदांता फाउंडेशन के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता किया है। इस समझौते के तहत, महेन्द्रगढ़, रेवाड़ी और गुरुग्राम में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। 50 बिस्तरों वाले उपमंडल अस्पताल के विकास के साथ-साथ, आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रदान की जाएंगी। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद करेगी।
 

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की दिशा में कदम

स्वास्थ्य अपडेट: हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि मातृ और शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। स्वास्थ्य विभाग और मेदांता फाउंडेशन के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) से प्रदेश में सार्वजनिक-निजी भागीदारी की एक नई मिसाल स्थापित होगी।


उपमंडल अस्पताल का विकास

उन्होंने जानकारी दी कि महेन्द्रगढ़ जिले के अटेली में स्वास्थ्य केंद्र को 50 बिस्तरों वाले उपमंडल अस्पताल में परिवर्तित किया जाएगा। इसके साथ ही, रेवाड़ी के मीरपुर और गुरुग्राम के फर्रुखनगर में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, जिससे महिलाओं और बच्चों को बेहतर उपचार मिल सकेगा।


नई स्वास्थ्य सुविधाएं

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस परियोजना के अंतर्गत विशेष सिजेरियन ऑपरेशन थिएटर, आधुनिक लेबर रूम, अल्ट्रासाउंड और अन्य डायग्नोस्टिक सुविधाएं मुफ्त में उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा, मातृ और नवजात देखभाल सेवाओं को भी मजबूत किया जाएगा और एनीमिया स्क्रीनिंग क्लीनिक स्थापित किए जाएंगे।
आरती सिंह राव ने बताया कि इस पहल के तहत स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, एनेस्थेटिस्ट और रेडियोलॉजिस्ट जैसे विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। महिलाओं के लिए कैंसर स्क्रीनिंग, ओपीडी सेवाएं, पॉइंट-ऑफ-केयर डायग्नोस्टिक टेस्टिंग, नवजातों के लिए कंगारू मदर केयर (केएमसी), एम्बुलेंस सहायता और नियमित स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन भी किया जाएगा।


ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस समझौते के तहत महेंद्रगढ़ जिले के अटेली, रेवाड़ी के मीरपुर और गुरुग्राम के फर्रुखनगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का उन्नयन किया जाएगा, जिससे विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।


समझौते की अवधि

उन्होंने बताया कि यह समझौता प्रारंभिक रूप से 10 वर्षों के लिए लागू रहेगा। स्वास्थ्य विभाग बुनियादी ढांचा, दवाइयां और प्रयोगशाला सुविधाएं उपलब्ध कराएगा, जबकि मेदांता फाउंडेशन तकनीकी विशेषज्ञता, आधुनिक उपकरण, क्षमता निर्माण और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से सहयोग प्रदान करेगा।
आरती सिंह राव ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल दक्षिणी हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती प्रदान करेगी और आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।