हाई बीपी और शुगर से बचने के लिए लाइफस्टाइल में करें बदलाव
युवाओं में बढ़ती हाई बीपी और शुगर की समस्या
वर्तमान में, युवाओं में उच्च रक्तचाप और शुगर की समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। इसका मुख्य कारण व्यस्त जीवनशैली और अस्वस्थ खानपान हो सकता है। आज के युवा तनाव में अपना अधिकांश समय बिता रहे हैं। अत्यधिक चिंता, तला-भुना भोजन, मसालेदार स्ट्रीट फूड का सेवन, शारीरिक गतिविधियों की कमी और दिनभर बैठे रहने से हाइपरटेंशन की समस्या बढ़ रही है। स्वस्थ जीवनशैली अपनाना अत्यंत आवश्यक है। लंबे समय तक उच्च या निम्न रक्तचाप रहना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। कई बार इसके प्रारंभिक लक्षण भी नहीं दिखते। यह ध्यान देने योग्य है कि उच्च रक्तचाप का शरीर पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। यदि आप इस समस्या से जूझ रहे हैं, तो इसे नजरअंदाज न करें। इसके लिए आपको अपनी जीवनशैली में बदलाव करना चाहिए।
हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने के उपाय
- विशेषज्ञों का कहना है कि उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए दवा लेना आवश्यक है, लेकिन इसके साथ-साथ जीवनशैली में बदलाव भी जरूरी है।
- आपको अपने आहार में महत्वपूर्ण परिवर्तन करने की आवश्यकता है। संतुलित आहार का सेवन करें और नमक की मात्रा को 4 से 5 ग्राम तक सीमित रखें। हरी सब्जियां, पौष्टिक साबुत अनाज, फल और लीन मीट का सेवन करें, जबकि प्रोसेस्ड फूड और तले-भुने खाद्य पदार्थों से दूर रहें।
- रक्तचाप को नियंत्रित रखने के लिए नियमित व्यायाम करें। साइकिल चलाना, तेज चलना और कार्डियोवैस्कुलर गतिविधियों को शामिल करें। सप्ताह में कम से कम दो बार व्यायाम करना न भूलें।
- यदि आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, तो व्यायाम करें। उच्च रक्तचाप कम करने से वजन घटाने में मदद मिलती है।
- यदि आप लंबे समय से शराब और तंबाकू का सेवन कर रहे हैं, तो इसे तुरंत बंद कर दें। इनका सेवन रक्तचाप और हृदय स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डालता है।
- तनाव उच्च रक्तचाप का एक प्रमुख कारण है। अनावश्यक चिंता से बचें। तनाव को कम करने के लिए ध्यान, गहरी सांस लेना और योग का अभ्यास करें। पर्याप्त नींद लें, कम से कम 7 से 8 घंटे सोएं। जिन लोगों को उच्च और निम्न रक्तचाप की समस्या है, उन्हें अपने रक्तचाप की नियमित रूप से निगरानी करनी चाहिए।