हिचकी से राहत पाने के घरेलू उपाय और कारण
हिचकी: एक सामान्य समस्या
नई दिल्ली: हिचकी एक ऐसी समस्या है जिसका अनुभव लगभग हर व्यक्ति ने किया है। यह अक्सर खाने के दौरान या अचानक हंसने-रोने पर शुरू होती है। सामान्यतः यह कुछ मिनटों में अपने आप समाप्त हो जाती है, लेकिन कभी-कभी यह लंबे समय तक बनी रहती है, जिससे व्यक्ति को असुविधा होती है।
हिचकी का कारण
चिकित्सकों के अनुसार, हिचकी का संबंध शरीर की एक महत्वपूर्ण मांसपेशी, डायफ्राम, से होता है। डायफ्राम फेफड़ों के नीचे स्थित होती है और सांस लेने में मदद करती है। जब यह मांसपेशी अचानक सिकुड़ती है, तो स्वर तंत्र के पास का रास्ता बंद हो जाता है, जिससे 'हिक' जैसी आवाज उत्पन्न होती है।
घरेलू उपाय
विशेषज्ञों का कहना है कि ठंडा पानी धीरे-धीरे पीना हिचकी रोकने का एक सरल उपाय है। जब ठंडा पानी गले से गुजरता है, तो यह नसों को संकेत देता है, जिससे दिमाग को नया संदेश मिलता है और हिचकी का चक्र टूट जाता है। छोटे-छोटे घूंट में पानी पीना अधिक प्रभावी होता है।
इसके अलावा, कुछ सेकंड के लिए सांस रोकना भी एक प्रभावी तरीका है। गहरी सांस लेकर उसे रोकने से शरीर में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे हिचकी रुक सकती है।
शहद का सेवन भी राहत देने वाला उपाय है। यह गले की अंदरूनी सतह पर एक परत बना देता है, जिससे नसों को आराम मिलता है।
थोड़ी मात्रा में चीनी मुंह में रखने से भी हिचकी रुक सकती है। चीनी के दाने नसों को नया संवेदनात्मक संकेत देते हैं, जिससे हिचकी का रिफ्लेक्स कमजोर पड़ जाता है। हालांकि, डायबिटीज के मरीजों को इसे अपनाने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए।