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हिमाचल प्रदेश में बादल फटने से हुई तबाही: राहत कार्य जारी

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में बादल फटने से भारी बाढ़ आई है, जिससे 14 मकान बह गए हैं और कई मवेशी मारे गए हैं। स्थानीय लोग अपनी जान बचाने के लिए भागे। प्रशासन राहत कार्य में जुटा है, लेकिन भूस्खलन के कारण कई चुनौतियाँ सामने आ रही हैं। जानें इस घटना के बारे में और अधिक जानकारी।
 

हिमाचल प्रदेश में बादल फटने की घटना


कांगड़ा में बादल फटने से बाढ़ का कहर: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में भारी बारिश के कारण बादल फटने से व्यापक नुकसान हुआ है। शाहपुर क्षेत्र के गढ़गून और स्पैढ़ा गांव में बाढ़ के चलते 14 मकान बह गए हैं, जिससे कई मवेशी भी मारे गए हैं। गढ़गून में 10 और स्पैढ़ा में 4 मकान तथा पशुशालाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। प्रशासन ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।


लोगों ने बचाई जान

स्थानीय निवासियों ने बताया कि उन्होंने अचानक आई बाढ़ से अपनी जान बचाने के लिए भागना पड़ा। पहाड़ी पर धमाके के बाद बाढ़ और मलबा तेजी से आया, जिसने मकानों और पशुशालाओं को बहा लिया।


घरों का नामोनिशान मिट गया

एसडीआरएफ की टीम राहत और बचाव कार्य में जुटी है। कई घरों का नामोनिशान मिट चुका है, और बाढ़ के बाद आसपास के लोग भयभीत हैं। जिनके घर पहाड़ी के निकट हैं, वे सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं।


बचाव कार्य में चुनौतियाँ

शाहपुर के अनुमंडलाधिकारी डॉ. गणेश ठाकुर ने बताया कि वह घटनास्थल की ओर रवाना हो चुके हैं। उन्होंने कहा, "डिब्बा और मलेड नाला क्षेत्र में भारी भूस्खलन हुआ है, जिससे आगे बढ़ने में कठिनाई हो रही है। प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है। सभी से अनुरोध है कि नदी-नालों के पास न जाएं।"


सड़कें क्षतिग्रस्त

भूस्खलन के कारण बोह घाटी को जोड़ने वाली सड़क मलेड नाला में बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे प्रशासन को मौके पर पहुंचने में कठिनाई हो रही है। लोक निर्माण विभाग सड़क को बहाल करने के प्रयास में जुटा हुआ है।