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होम्योपैथी बनाम एलोपैथी: बच्चों के इलाज में कौन सा बेहतर है?

इस लेख में हम होम्योपैथी और एलोपैथी के बीच के अंतर और बच्चों के इलाज में इनकी प्रभावशीलता की तुलना करेंगे। एक अध्ययन के अनुसार, 2 साल से कम उम्र के बच्चों में होम्योपैथिक दवाएँ एलोपैथी की तुलना में अधिक प्रभावी साबित हुई हैं। जानें कि किस पद्धति से बच्चों की इम्यूनिटी बेहतर होती है और कौन सी विधि अधिक सुरक्षित है।
 

होम्योपैथी और एलोपैथी का अंतर

होम्योपैथी और एलोपैथी दोनों चिकित्सा पद्धतियाँ हैं, लेकिन इनका उपचार करने का तरीका काफी भिन्न है। एलोपैथी में दवाओं का उपयोग ठोस, द्रव और गैस तीनों रूपों में किया जाता है, जबकि होम्योपैथिक दवाएँ आमतौर पर पतली होती हैं, जिससे इनके साइड इफेक्ट्स न्यूनतम होते हैं। इस कारण से, कई लोग यह सोचते हैं कि इनमें से कौन सी पद्धति अधिक प्रभावी है।


बच्चों के लिए होम्योपैथी का प्रभाव

जो लोग होम्योपैथी का उपचार लेते हैं, वे इसे पसंद करते हैं, लेकिन अधिकांश लोग इस पद्धति का उपयोग नहीं करते। क्या आप जानते हैं कि सामान्य बीमारियों में 2 साल से कम उम्र के बच्चों पर होम्योपैथिक दवाओं का प्रभाव एलोपैथी की तुलना में अधिक होता है?


इन बीमारियों में 100% कारगर

एक अध्ययन के अनुसार, 2 साल से कम उम्र के बच्चों में सामान्य बीमारियों के लिए होम्योपैथिक दवाएँ एलोपैथी से बेहतर साबित हुई हैं। इस अध्ययन में 108 बच्चों को शामिल किया गया, जिन्हें सामान्य समस्याओं जैसे बुखार, डायरिया और सांस संबंधी दिक्कतों के लिए होम्योपैथी या एलोपैथी से इलाज किया गया।


अध्ययन में यह पाया गया कि होम्योपैथिक उपचार लेने वाले बच्चे एलोपैथिक उपचार वाले बच्चों की तुलना में कम बीमार पड़े। होम्योपैथी से इलाज कराने वाले बच्चों ने औसतन 5 दिन बीमार रहने की सूचना दी, जबकि पारंपरिक उपचार वाले बच्चों ने औसतन 21 दिन बीमार रहने की बात कही।


इस अध्ययन में यह भी देखा गया कि जिन बच्चों को होम्योपैथी से प्राथमिकता दी गई, उन्हें सांस संबंधी समस्याओं में कमी आई। हालांकि, दस्त जैसी बीमारियों में दोनों उपचार विधियों के बीच कोई महत्वपूर्ण अंतर नहीं पाया गया।


अध्ययन में यह भी दर्शाया गया कि होम्योपैथिक उपचार से बच्चों में एंटीबायोटिक की आवश्यकता केवल 14 बार पड़ी, जबकि अन्य उपचार विधियों में इसकी आवश्यकता 141 बार पाई गई। इसका मतलब है कि होम्योपैथिक उपचार से बच्चों की इम्यूनिटी अधिक मजबूत हुई।