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Gen Z की नौकरी के प्रति नई सोच: वफादारी का बदलता अर्थ

Gen Z ने कार्यस्थल पर वफादारी के पारंपरिक अर्थ को पूरी तरह से बदल दिया है। एक नए सर्वेक्षण के अनुसार, युवा पीढ़ी अब नौकरी को अस्थायी समझती है और वफादारी को भोलापन मानती है। इस बदलाव ने हायरिंग मैनेजर्स को चिंतित कर दिया है, क्योंकि उन्हें डर है कि युवा कर्मचारी जल्दी नौकरी छोड़ सकते हैं। जानें इस नई सोच के पीछे के कारण और कंपनियों की प्रतिक्रिया।
 

नई दिल्ली में करियर की नई दिशा

नई दिल्ली: करियर में प्रगति, एक ही कंपनी में दो दशकों तक काम करना और रिटायरमेंट तक वफादारी, ये अब पुरानी बातें होती जा रही हैं। आज की युवा पीढ़ी, जिसे Gen Z कहा जाता है (1997-2012 के बीच जन्मे), ने कार्यस्थल पर पारंपरिक दृष्टिकोण को पूरी तरह से बदल दिया है।


वर्कप्लेस सिचुएशनशिप का उदय

हाल ही में किए गए एक राष्ट्रीय सर्वेक्षण के अनुसार, कार्यस्थल पर 'सिचुएशनशिप' का चलन बढ़ रहा है, जिसमें कर्मचारी और कंपनी के बीच कोई गहरा भावनात्मक संबंध नहीं होता, बल्कि यह केवल एक अस्थायी लेन-देन का रिश्ता बन गया है। यह विचार करने योग्य है कि क्या युवाओं में अब कंपनियों के प्रति वही सम्मान और वफादारी नहीं रह गई है, या फिर कंपनियों की वास्तविकता अब युवाओं के सामने आ गई है। भविष्य में यह स्पष्ट होगा कि नई पीढ़ी की सोच क्या है।


Gen Z के लिए नौकरी का नया अर्थ

वर्कप्लेस सिचुएशनशिप क्या है?

जैसे व्यक्तिगत रिश्तों में 'सिचुएशनशिप' का अर्थ बिना किसी भविष्य के वादे के रहना होता है, वैसे ही Gen Z के लिए नौकरियां अब 'शॉर्ट-टर्म अरेंजमेंट' बन गई हैं। सर्वे में 58% युवाओं ने कहा कि वे ऐसी नौकरियों को स्वीकार करते हैं जिन्हें वे पहले से अस्थायी मानते हैं। 47% लोग एक साल के भीतर नौकरी छोड़ने की योजना बना रहे हैं, जबकि 30% ने स्वीकार किया कि उन्होंने बिना किसी नोटिस के नौकरी छोड़ दी।


वफादारी का बदलता नजरिया

वफादारी अब भोलापन क्यों?

पिछली पीढ़ियों (Millennials और Boomers) के लिए वफादारी सुरक्षा का प्रतीक थी, लेकिन Gen Z इसे एक अलग दृष्टिकोण से देखती है। उनका मानना है कि बिना पूर्व चेतावनी के छंटनी ने कंपनियों के प्रति विश्वास को समाप्त कर दिया है। प्रमोशन की अस्पष्ट प्रक्रिया और वेतन में मामूली वृद्धि उन्हें जल्दी नौकरी बदलने के लिए प्रेरित करती है। उनके लिए काम केवल जीवन जीने का एक साधन है, न कि जीवन का उद्देश्य।


हायरिंग मैनेजर्स की चिंताएं

हायरिंग मैनेजर्स की बढ़ी धड़कनें

इस बदलाव ने मैनेजर्स को चिंतित कर दिया है। 33% मैनेजर्स अब Gen Z को हायर करने से हिचकिचाते हैं क्योंकि उन्हें डर है कि वे जल्दी नौकरी छोड़ देंगे। उनकी मुख्य चिंताएं कमजोर संचार कौशल और कार्यस्थल पर परिपक्वता की कमी को लेकर हैं। हालांकि, कई कंपनियां अब खुद को बदल रही हैं और फ्लेक्सिबल शेड्यूल, मेंटरशिप और जल्दी बोनस जैसे लाभ प्रदान कर रही हैं ताकि युवाओं को रोका जा सके।