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अनुष्ठा कालिया: IPS बनने की प्रेरणादायक यात्रा

अनुष्ठा कालिया की कहानी एक प्रेरणादायक यात्रा है, जो सरकारी नौकरी पाने के सपने को साकार करने की प्रेरणा देती है। दिल्ली की अनुष्ठा ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद कॉरपोरेट क्षेत्र में काम किया, लेकिन सिविल सेवा में जाने का सपना नहीं छोड़ा। UPSC परीक्षा में पहले प्रयास में सफलता हासिल कर, उन्होंने IPS बनकर अपनी पहचान बनाई। उनकी मेहनत और साहसिक कार्यशैली ने उन्हें एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। जानें उनके संघर्ष और सफलता की पूरी कहानी।
 

अनुष्ठा कालिया की प्रेरणादायक यात्रा


अनुष्ठा कालिया की प्रेरणादायक यात्रा: सरकारी नौकरी पाना कई लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होती है, जबकि कुछ का सपना अपने देश की सेवा करना होता है। दिल्ली की अनुष्ठा कालिया ने अपने करियर के लिए एक ऐसा मार्ग चुना, जिसने उन्हें कम उम्र में ही पहचान दिलाई। उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और कॉरपोरेट क्षेत्र में भी काम किया, लेकिन सिविल सेवा में जाने की उनकी इच्छा हमेशा बनी रही। इस सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने अपनी जीवन की दिशा बदल दी।


पहले प्रयास में UPSC में सफलता

अनुष्ठा ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2021 में पहले प्रयास में ही सफलता प्राप्त की। उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 143 हासिल की और मात्र 24 वर्ष की आयु में भारतीय पुलिस सेवा (IPS) का हिस्सा बन गईं। राजस्थान कैडर की 2022 बैच की अधिकारी के रूप में, अनुष्ठा आज अपनी कार्यशैली और साहसिक पुलिसिंग के लिए जानी जा रही हैं।


दिल्ली में शिक्षा और परिवार का समर्थन

अनुष्ठा कालिया का जन्म दिल्ली के द्वारका में हुआ। उनके पिता पुष्पेंद्र कालिया सेवानिवृत्त हैं और मां बेला देवी कानून मंत्रालय में कार्यरत हैं। अनुष्ठा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली में प्राप्त की। बचपन से ही पढ़ाई में अच्छी रहने वाली अनुष्ठा ने शिक्षा को हमेशा प्राथमिकता दी और आगे बढ़ने के लिए निरंतर मेहनत की।


इंजीनियरिंग के बाद कॉरपोरेट क्षेत्र में करियर

स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद, अनुष्ठा ने तकनीकी क्षेत्र में करियर बनाने का निर्णय लिया। उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी में बीटेक की डिग्री प्राप्त की और फिर कॉरपोरेट क्षेत्र में डेटा साइंटिस्ट के रूप में काम करने का अवसर मिला। इस दौरान, उन्होंने मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकों के साथ काम किया। हालांकि, उनकी महत्वाकांक्षा कुछ अलग करने की थी।


नौकरी के साथ UPSC की तैयारी

कॉरपोरेट क्षेत्र में काम करते हुए, अनुष्ठा ने सिविल सेवा में जाने का निर्णय लिया। उन्होंने अप्रैल 2020 में UPSC की तैयारी शुरू की और मनोविज्ञान को वैकल्पिक विषय के रूप में चुना। नौकरी और पढ़ाई के बीच संतुलन बनाते हुए, उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी। अंततः, उनकी मेहनत रंग लाई और 30 मई 2022 को घोषित UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2021 के परिणाम में उन्हें 143वीं रैंक प्राप्त हुई। इसके बाद, हैदराबाद की सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण के दौरान उन्हें सर्वश्रेष्ठ आउटडोर प्रोबेशनर के लिए स्वॉर्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किया गया।


पाकिस्तान से आए हथियारों के नेटवर्क पर कार्रवाई

IPS बनने के बाद, अनुष्ठा ने राजस्थान के बीकानेर में अपनी कार्यशैली से अलग पहचान बनाई। राजस्थान पुलिस के आधिकारिक एक्स अकाउंट के अनुसार, फरवरी 2026 में भारत-पाकिस्तान सीमा के खाजूवाला क्षेत्र में पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए हथियार भेजने का मामला सामने आया। BSF और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक ड्रोन, पांच पिस्टल और 325 कारतूस बरामद किए गए।


जांच में महत्वपूर्ण भूमिका और सम्मान

इस मामले की जांच की जिम्मेदारी अनुष्ठा कालिया ने संभाली। जांच के दौरान, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसी योगदान के लिए उनका चयन केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक 2026 के लिए किया गया। तकनीकी क्षेत्र से पुलिस सेवा तक का उनका सफर यह दर्शाता है कि सही लक्ष्य और निरंतर मेहनत से करियर की दिशा बदली जा सकती है। उनकी कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो बड़े सपने देखते हैं और उन्हें पूरा करने का साहस रखते हैं।