ओरेकल की बड़ी छंटनी: 30,000 कर्मचारियों की नौकरी गई
आईटी क्षेत्र में छंटनी का नया दौर
आईटी उद्योग में नौकरी छूटने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में, प्रमुख तकनीकी कंपनी ओरेकल ने अपने हजारों कर्मचारियों को अचानक बाहर का रास्ता दिखा दिया है। नवीनतम रिपोर्टों के अनुसार, कंपनी लगभग 30,000 कर्मचारियों की छंटनी कर रही है, जो उसके वैश्विक कार्यबल का लगभग 18% है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कर्मचारियों को सुबह-सुबह ईमेल के माध्यम से नौकरी से निकाले जाने की सूचना दी जा रही है।
भारत में कर्मचारियों पर सबसे अधिक प्रभाव
भारत की टीमों पर पड़ा सबसे भारी असर
इस बड़े पैमाने पर छंटनी का प्रभाव ओरेकल के क्लाउड और इंजीनियरिंग विभागों पर पड़ा है, लेकिन भारत और मैक्सिको के कर्मचारियों पर इसका सबसे अधिक असर हुआ है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और ब्लाइंड पर ओरेकल इंडिया के कर्मचारी अपनी समस्याओं को साझा कर रहे हैं।
कर्मचारियों की कहानियाँ
ट्टीट कर बताई कहानी
IndiaNewGen नामक एक X यूजर ने स्थिति की गंभीरता को उजागर करते हुए लिखा कि ओरेकल में सीनियर मैनेजर के पद पर कार्यरत उनके एक मित्र ने बताया कि उनकी 20 लोगों की टीम में से 6 को नौकरी से निकाल दिया गया है। कई टीमों में 50% तक कर्मचारियों को हटाया गया है। कुल मिलाकर लगभग 20% स्टाफ को निकाला गया है।
नौकरी से निकालने का तरीका
बिना नोटिस आया ईमेल और बंद हुआ सिस्टम
नौकरी से निकालने का यह तरीका बेहद कठोर और चौंकाने वाला रहा। रेडिट पर कई प्रभावित कर्मचारियों ने बताया कि जब वे सोकर उठे तो उनके इनबॉक्स में ओरेकल लीडरशिप की ओर से सुबह 5 या 6 बजे का ईमेल आया था, जिसमें लिखा था कि अब उनके रोल की कंपनी को आवश्यकता नहीं है।
बिना किसी चर्चा के नौकरी से निकाला गया
बिना कोई मीटिंग छीन ली नौकरी
ईमेल मिलने के तुरंत बाद कर्मचारियों के आंतरिक सिस्टम का एक्सेस छीन लिया गया। छंटनी से पहले न कोई एचआर मीटिंग हुई और न ही मैनेजर के साथ कोई चर्चा की गई। एक कर्मचारी ने अपना दुख साझा करते हुए लिखा, "20 साल की सेवा देने के बाद सुबह 5 बजे नौकरी से निकालने का ईमेल मिला... बहुत बढ़िया।" वहीं एक अन्य कर्मचारी ने बताया कि वह अगले महीने कंपनी में अपने 4 साल पूरे करने वाला था, लेकिन सुबह 6 बजे उसे भी निकाल दिया गया।
छंटनी के पीछे का कारण
आखिर क्यों हो रही है इतनी बड़ी छंटनी?
ओरेकल ने आधिकारिक तौर पर छंटनी के आंकड़ों की पुष्टि नहीं की है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम कंपनी की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रणनीति का हिस्सा है। ओरेकल अब अपना पूरा ध्यान और निवेश AI इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर्स पर केंद्रित करना चाहती है।
ओवर-हायरिंग की समस्या
ओवर-हायरिंगकी गलती
इससे पहले जनवरी में अमेज़ॅन और अन्य तकनीकी कंपनियों ने भी AI में निवेश के लिए फंड जुटाने के नाम पर हजारों कर्मचारियों को निकाला था। हालांकि, जॉब मार्केट के विशेषज्ञों का मानना है कि AI केवल एक बहाना है। तकनीकी कंपनियां वास्तव में महामारी के दौरान की गई ओवर-हायरिंग की गलती को अब सुधार रही हैं।