दो दोस्तों की सफलता की कहानी: 'खेत' ब्रांड का उदय
दोस्ती से शुरू हुआ कारोबार
गुरुग्राम स्थित मास्टर्स यूनियन यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान, माधव नारंग और अरहम जैन ने एक साथ मिलकर व्यवसाय का सपना देखा। उन्होंने भारतीय संस्कृति और दैनिक जीवन की खुशबुओं को परफ्यूम में समाहित करने का निर्णय लिया। इसी विचार से 'खेत' ब्रांड की स्थापना हुई। प्रारंभिक 2.5 लाख रुपये की पूंजी से शुरू हुआ यह व्यवसाय अब 70 लाख रुपये से अधिक की आय कर चुका है। इसकी देसी पहचान और अनोखी मार्केटिंग इसे खास बनाती है।
शिक्षा से व्यवसाय की शुरुआत
शिक्षा से व्यवसाय की शुरुआत
माधव और अरहम की पहली मुलाकात मास्टर्स यूनियन में बिजनेस मैनेजमेंट के दौरान हुई थी। उन्होंने एक ऐसा ब्रांड बनाने की योजना बनाई, जो भारतीय खुशबुओं और अनुभवों को एक नई पहचान दे सके। उन्होंने पश्चिमी या फ्रेंच परफ्यूमेरी की नकल करने के बजाय भारतीय संदर्भों को प्राथमिकता दी। 'चाय एंड रम', 'तोता केरी', 'काला पानी' और 'स्नेक चार्मर' जैसे नामों के माध्यम से उन्होंने स्थानीय अनुभवों को खुशबू से जोड़ने का प्रयास किया।
2.5 लाख रुपये से शुरूआत
2.5 लाख रुपये से शुरूआत
स्टार्टअप की शुरुआत के लिए, दोनों ने अपनी बचत और माता-पिता की सहायता से 2.5 लाख रुपये इकट्ठा किए। इसके बाद, दिल्ली में एक ऑफलाइन पॉप-अप स्टोर के माध्यम से ब्रांड को बाजार में पेश किया गया। शुरुआती चरण में, कारोबार ने 30-34 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त किया। हालांकि, संस्थापकों ने महसूस किया कि ब्रांड की पहचान पूरी तरह से भारतीय नहीं थी। पश्चिमी नामों के उपयोग ने उन्हें अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करने के लिए प्रेरित किया।
रीब्रांडिंग का अनोखा तरीका
रीब्रांडिंग का अनोखा तरीका
दोनों दोस्तों ने रीब्रांडिंग का निर्णय एक अनोखे तरीके से लिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर पुराने नाम की अर्थी जैसी तस्वीरें साझा कर अपने पुराने ब्रांड को प्रतीकात्मक विदाई दी। अक्टूबर 2025 में 'खेत' नाम के साथ नई शुरुआत की गई। इसके बाद उत्पादों में भारतीय पहचान को प्राथमिकता दी गई। 'स्नेक चार्मर' और 'तोता केरी' जैसे परफ्यूम के साथ युवाओं की पसंद को ध्यान में रखा गया। 'शगुन' की कीमत 2501 रुपये रखी गई।
ग्राहकों की संख्या में वृद्धि
ग्राहकों की संख्या में वृद्धि
रीब्रांडिंग के बाद, 'खेत' ने तेजी से प्रगति की है। अब तक 5,000 से अधिक ग्राहक इस ब्रांड से जुड़ चुके हैं। कंपनी के अनुसार, हर महीने 14-15 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हो रहा है और कुल आय 70 लाख रुपये को पार कर चुकी है। सोशल मीडिया पर इसकी अनोखी ब्रांडिंग ने भी ध्यान आकर्षित किया है। अब माधव और अरहम भारतीय परफ्यूमेरी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं।