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प्रधानमंत्री मोदी ने 51,000 युवाओं को रोजगार मेले में नियुक्ति पत्र सौंपे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19वें रोजगार मेले में 51,000 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। यह कार्यक्रम देशभर में 47 स्थानों पर आयोजित किया गया। मोदी ने युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि वे अब सरकारी सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने रोजगार मेले के उद्देश्य और युवा वर्ग के लिए इसके महत्व पर भी प्रकाश डाला। जानें इस कार्यक्रम के बारे में और क्या कहा पीएम ने।
 

19वां रोजगार मेला: नई दिल्ली में प्रधानमंत्री का कार्यक्रम


19वां रोजगार मेला, नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देशभर में आयोजित 19वें रोजगार मेले के दौरान 51,000 नए युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। यह कार्यक्रम 47 विभिन्न स्थानों पर एक साथ आयोजित किया गया। चयनित उम्मीदवारों को स्वास्थ्य, रेलवे, गृह मंत्रालय सहित कई केंद्रीय विभागों में नौकरी मिली है। अब ये युवा सरकारी सेवाओं में अपने नए कार्य की शुरुआत करेंगे।


प्रधानमंत्री का संबोधन और वैश्विक कंपनियों से बातचीत

प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि आज 51,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियों के लिए नियुक्ति पत्र दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि ये युवा अब देश के विकास में महत्वपूर्ण भागीदार बनेंगे। मोदी ने जोर देकर कहा कि ये नई भर्तियां कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में हुई हैं, जो देश को आगे बढ़ाने में सहायक होंगी।


उन्होंने कहा, "आप सभी रेलवे, बैंकिंग, रक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में नई जिम्मेदारियां संभालने जा रहे हैं। आने वाले वर्षों में एक विकसित भारत के निर्माण में आप सभी की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।" प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि हाल ही में उन्होंने पांच देशों का दौरा किया और वहां कई बड़ी कंपनियों के नेताओं से बातचीत की।


रोजगार मेले का उद्देश्य और युवा वर्ग

'रोजगार मेला' विशेष रूप से 18 से 35 वर्ष के युवाओं को लक्षित करता है। इसमें विभिन्न शैक्षणिक योग्यता वाले युवा शामिल होते हैं, जैसे 8वीं, 10वीं, 12वीं पास, ITI, डिप्लोमा और ग्रेजुएट डिग्री वाले। इसमें ऐसे प्रशिक्षित और प्रमाणित उम्मीदवार भी शामिल हैं जो 'नेशनल स्किल्स क्वालिफिकेशन्स फ्रेमवर्क' के मानकों को पूरा करते हैं।


नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को विभिन्न माध्यमों से 'रोजगार मेला' के बारे में जानकारी दी जाती है, जिसमें प्रिंट विज्ञापन, बल्क SMS, सोशल मीडिया और स्थानीय कॉलेजों में आयोजित कार्यशालाएं शामिल हैं।