बिहार की प्रिया ने BPSC में रैंक 10 हासिल कर बनाई मिसाल
प्रेरणादायक यात्रा
बिहार के दरभंगा की प्रिया ने 70वीं BPSC परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया स्तर पर 10वां स्थान प्राप्त किया है। लक्ष्मीसागर की निवासी प्रिया अब SDM के पद पर चयनित होने जा रही हैं। उनकी सफलता इस बात से भी महत्वपूर्ण है कि उन्होंने बिना किसी कोचिंग के, केवल आत्म-अध्ययन के माध्यम से यह उपलब्धि हासिल की है। प्रिया ने अपनी तैयारी को अनुशासन, नियमित अध्ययन और सही रणनीति पर केंद्रित किया।
शिक्षा का सफर
प्रिया की प्रारंभिक शिक्षा पटना और दरभंगा में हुई, और उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने दिल्ली का रुख किया। दिल्ली विश्वविद्यालय से पॉलिटिकल साइंस में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने के दौरान, उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को प्रशासनिक दृष्टिकोण से समझने का प्रयास किया।
कोचिंग के बिना रैंक 10
प्रिया ने BPSC की तैयारी के लिए किसी कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया। उन्होंने खुद से सिलेबस को समझकर अपनी तैयारी की योजना बनाई। उनका मानना है कि इस बार परीक्षा में तथ्यात्मक सवालों पर विशेष ध्यान दिया गया। ऐसे में करंट विषयों और उनसे जुड़े तथ्यों की जानकारी होना आवश्यक था।
उन्होंने पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों को महत्वपूर्ण माना और सिलेबस के अनुसार विभिन्न विषयों को टॉपिक के हिसाब से बांटकर पढ़ाई की। इससे उन्हें परीक्षा में पूछे जाने वाले सवालों के पैटर्न को समझने में मदद मिली।
रोजाना 8 से 10 घंटे की पढ़ाई
प्रिया ने अपनी तैयारी के दौरान प्रतिदिन लगभग 8 से 10 घंटे पढ़ाई की। वह नियमित रूप से करंट अफेयर्स पढ़ती थीं और आवश्यक जानकारियों के नोट्स बनाती थीं। पर्यावरण और महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर उन्होंने विशेष ध्यान दिया।
मॉक टेस्ट भी उनकी तैयारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे। वह हर सप्ताह मॉक टेस्ट देती थीं और अपनी गलतियों को सुधारने का प्रयास करती थीं, जिससे उनकी तैयारी में निरंतर सुधार होता गया।
सोशल मीडिया से दूरी
परीक्षा की तैयारी के दौरान प्रिया ने सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखी। उनका ध्यान पूरी तरह से पढ़ाई और अपनी तैयारी को मजबूत करने पर था। उन्होंने पढ़ाई के घंटों को निर्धारित किया और नियमित रूप से अपनी प्रगति का मूल्यांकन किया।
परिवार का सहयोग
प्रिया के अनुसार, उनकी सफलता में परिवार का समर्थन भी महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता ने उन पर कभी दबाव नहीं डाला और हमेशा उन पर विश्वास रखा, जो उनके लिए सबसे बड़ी ताकत बनी।
BPSC में 10वीं रैंक हासिल करने के बाद, प्रिया ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और दिवंगत दादा को दिया। उनका कहना है कि परिवार से मिले सहयोग और विश्वास ने उन्हें लगातार मेहनत करने की प्रेरणा दी।
प्रेरणा का स्रोत
प्रिया की कहानी उन सभी अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा है, जो महंगी कोचिंग के बिना प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। उनकी सफलता यह दर्शाती है कि स्पष्ट रणनीति, नियमित अध्ययन, पिछले वर्षों के प्रश्नों का अभ्यास और करंट अफेयर्स पर पकड़ के साथ आत्म-अध्ययन के जरिए भी बड़े लक्ष्यों को हासिल किया जा सकता है।