×

बिहार की रितिका की प्रेरणादायक सफलता की कहानी

बिहार की रितिका ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में असफलता के बावजूद BPSC 70वीं परीक्षा में सफलता हासिल की और स्टेट टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर बनीं। उनकी कहानी यह दर्शाती है कि असफलता के बाद भी निरंतर प्रयास से सफलता प्राप्त की जा सकती है। रितिका ने UPSC CAPF में ऑल इंडिया रैंक 12 हासिल कर एक नया रिकॉर्ड बनाया। जानें उनकी प्रेरणादायक यात्रा के बारे में।
 

रितिका की संघर्ष यात्रा


पटना: किसी प्रतियोगी परीक्षा में असफलता का सामना करना आसान नहीं होता, लेकिन असफलता के बाद खुद को संभालकर आगे बढ़ना असली चुनौती है। बिहार की रितिका ने इस जज्बे की अद्भुत मिसाल पेश की है। UPSC सिविल सेवा मुख्य परीक्षा में 2023 और 2024 में मामूली अंतर से चूकने के बावजूद उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी। कठिनाइयों के बीच, उन्होंने BPSC 70वीं परीक्षा दी और पहले प्रयास में ही सफलता प्राप्त कर स्टेट टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर का पद हासिल किया। लेकिन रितिका की मंजिल अभी बाकी थी।


UPSC CAPF में रितिका की सफलता

BPSC में 269वीं रैंक प्राप्त करने के बाद, रितिका ने UPSC CAPF असिस्टेंट कमांडेंट परीक्षा की तैयारी जारी रखी। लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के बाद, उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 12 हासिल की। उनकी यह कहानी उन सभी अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा है, जो एक-दो असफलताओं के बाद तैयारी छोड़ने का मन बना लेते हैं।


असफलता के बावजूद निरंतर प्रयास

कई छात्रों के लिए लगातार दो बार असफल होना हतोत्साहित करने वाला हो सकता है, लेकिन रितिका ने इसे अपनी मंजिल के रास्ते में रुकावट नहीं बनने दिया। बिहार की रितिका ने UPSC CSE 2023 और 2024 में भाग लिया, लेकिन दोनों बार थोड़े अंतर से असफल रहीं। इसके बावजूद, उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी और प्रतियोगी परीक्षाओं में आगे बढ़ती रहीं।


शिक्षा का अनुकूल माहौल

रितिका का परिवार शिक्षा और सरकारी सेवा से जुड़ा रहा है। उनके पिता केंद्रीय सचिवालय में प्रिंसिपल प्राइवेट सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं। इस तरह का माहौल उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रेरित करता रहा। रितिका ने दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कॉलेज से बीएससी फिजिकल साइंस में स्नातक की पढ़ाई की और इसके बाद सिविल सेवा समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की।


BPSC परीक्षा का महत्वपूर्ण क्षण

रितिका के लिए कठिन समय तब आया जब UPSC CSE मेंस का परिणाम आया और वह लगातार दूसरी बार सफल नहीं हो सकीं। खास बात यह थी कि रिजल्ट के दो दिन बाद BPSC 70वीं प्रारंभिक परीक्षा होनी थी। निराश होकर रुकने के बजाय, रितिका ने खुद को संभाला और परीक्षा में भाग लिया। उनका यह निर्णय आगे चलकर बड़ी सफलता का कारण बना और उन्होंने पहली कोशिश में BPSC पास कर लिया।


पहली कोशिश में BPSC में सफलता

BPSC 70वीं परीक्षा में रितिका ने 269वीं रैंक प्राप्त की। इस सफलता के साथ उनका चयन स्टेट टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर के पद के लिए हुआ। पहली ही कोशिश में BPSC पास करना उनके लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाला क्षण था। UPSC में मिली लगातार दो असफलताओं के बाद यह उपलब्धि साबित करती है कि एक परीक्षा का परिणाम किसी अभ्यर्थी की पूरी क्षमता को नहीं दर्शाता। रितिका ने इसी सोच के साथ अपनी आगे की तैयारी जारी रखी।


CAPF में नया रिकॉर्ड

BPSC में सफलता के बाद भी रितिका का लक्ष्य यहीं खत्म नहीं हुआ। उन्होंने 2024 और 2025 में UPSC CAPF असिस्टेंट कमांडेंट की लिखित परीक्षा में सफलता प्राप्त की। इसके बाद मई में उन्होंने CAPF AC के इंटरव्यू में भाग लिया और अंतिम परिणाम का इंतजार किया। जब UPSC ने CAPF AC 2025 का फाइनल रिजल्ट जारी किया, तो रितिका ने ऑल इंडिया रैंक 12 हासिल की। उनकी कहानी यह दर्शाती है कि लगातार प्रयास और धैर्य से असफलता को सफलता में बदला जा सकता है।