स्क्वाट्स: महिलाओं के लिए एक प्रभावी एक्सरसाइज
स्क्वाट्स का महत्व
जिन्हें जिम में वर्कआउट करने का शौक है, उन्होंने स्क्वाट्स एक्सरसाइज के बारे में अवश्य सुना होगा। इसे आमतौर पर पैरों की एक्सरसाइज माना जाता है, लेकिन यह शरीर के कई अन्य हिस्सों की मांसपेशियों पर भी प्रभाव डालती है। स्क्वाट्स करने से न केवल पैरों, बल्कि कूल्हों, पेट और कमर के निचले हिस्से की मांसपेशियों को भी मजबूत किया जा सकता है। सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर ने सोशल मीडिया पर स्क्वाट्स के लाभ और इसे करने के तरीके के बारे में जानकारी साझा की है। उनका मानना है कि महिलाओं के लिए यह एक्सरसाइज बेहद फायदेमंद हो सकती है और इसके लिए जिम जाने की आवश्यकता नहीं है।
घर पर स्क्वाट्स करने की सुविधा
स्क्वाट्स की एक विशेषता यह है कि इसे करने के लिए किसी महंगे उपकरण या मशीन की आवश्यकता नहीं होती। इसे घर, पार्क या किसी भी ऐसी जगह पर किया जा सकता है जहां पर्याप्त जगह हो।
रुजुता दिवेकर के अनुसार, उम्र बढ़ने के साथ मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखना आवश्यक है। मजबूत मांसपेशियां शरीर को सक्रिय रखने और दैनिक कार्यों को करने की क्षमता बनाए रखने में मदद करती हैं। नियमित एक्सरसाइज से शरीर की ताकत और फिटनेस को बनाए रखने में भी सहायता मिलती है।
महिलाओं के लिए स्क्वाट्स के लाभ
रुजुता दिवेकर ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में बताया है कि स्क्वाट्स महिलाओं के लिए एक अत्यंत उपयोगी एक्सरसाइज है। नियमित रूप से स्क्वाट्स करने से पैरों और कूल्हों की मांसपेशियों पर काम होता है, जिससे शरीर के निचले हिस्से की ताकत और संतुलन में सुधार हो सकता है।
हालांकि, हर व्यक्ति की फिटनेस और शारीरिक क्षमता अलग होती है, इसलिए एक्सरसाइज की शुरुआत अपनी क्षमता के अनुसार करना आवश्यक है।
घुटने या कमर में समस्या होने पर कैसे करें शुरुआत
रुजुता दिवेकर ने पहले भी घुटनों, कमर या टखनों से जुड़ी समस्याओं वाले लोगों के लिए स्क्वाट्स का आसान तरीका बताया है। जो लोग शुरुआत कर रहे हैं या जिन्हें संतुलन बनाने में कठिनाई होती है, वे चेयर स्क्वाट्स से शुरुआत कर सकते हैं।
इसमें एक मजबूत कुर्सी को पीछे रखकर इस तरह नीचे जाना होता है जैसे आप कुर्सी पर बैठने वाले हों। फिर नियंत्रित तरीके से वापस ऊपर आना होता है।
स्क्वाट्स करते समय ध्यान रखने योग्य बातें
स्क्वाट्स करते समय शरीर की मूवमेंट पर नियंत्रण रखना आवश्यक है। नीचे जाते समय जल्दबाजी न करें और सही पोश्चर बनाए रखें। घुटनों को पैरों की दिशा में रखते हुए हल्का बाहर की ओर रखना सहायक हो सकता है।
ऊपर आते समय शरीर को सीधा करें और कूल्हों की मांसपेशियों को हल्का टाइट करें। इसके बाद दोबारा धीरे-धीरे नीचे जाएं।
अगर आप बिल्कुल शुरुआत कर रहे हैं तो 10-10 रिपीटेशन के 3 सेट से शुरुआत कर सकते हैं। बाद में अपनी क्षमता और फिटनेस के अनुसार रिपीटेशन या सेट बढ़ाए जा सकते हैं।
यदि घुटने, कमर, टखने या किसी अन्य हिस्से में पहले से चोट या गंभीर समस्या है, तो एक्सरसाइज शुरू करने से पहले फिटनेस प्रोफेशनल या डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर रहेगा।