किचन की टाइल्स की सफाई के लिए घरेलू उपाय
किचन की सफाई के आसान तरीके
भारतीय घरों में किचन एक ऐसा स्थान है जहाँ रोजाना खाना पकाने के दौरान तेल, मसाले और भाप का उपयोग होता है। इसका प्रभाव धीरे-धीरे किचन की टाइल्स, स्लैब और अन्य सतहों पर दिखाई देने लगता है। विशेष रूप से गैस स्टोव के पीछे की टाइल्स पर तेल के छींटे पड़ते रहते हैं, जिससे समय के साथ चिपचिपी परत बन जाती है।
शुरुआत में इसे सामान्य गीले कपड़े से साफ किया जा सकता है, लेकिन अगर सफाई में देरी हो जाए तो पुरानी चिकनाई को हटाना कठिन हो जाता है। ऐसे में कुछ घरेलू उपायों की मदद से इस गंदगी को हटाना आसान हो सकता है।
नींबू और नमक से हल्की चिकनाई हटाएं
अगर गैस के आसपास की टाइल्स पर तेल की परत बहुत पुरानी नहीं है, तो नींबू और नमक का उपयोग किया जा सकता है। आधे नींबू पर थोड़ा नमक लगाकर उसे तेल वाले हिस्से पर हल्के हाथ से रगड़ें। इसे 5 से 7 मिनट तक लगा रहने दें और फिर गीले कपड़े से साफ कर दें। नींबू की अम्लीयता चिकनाई को ढीला करने में मदद करती है, जबकि नमक हल्की स्क्रबिंग करता है।
पुरानी चिकनाई के लिए बेकिंग सोडा
यदि टाइल्स पर लंबे समय से तेल जमा है, तो बेकिंग सोडा का पेस्ट आजमाया जा सकता है। दो चम्मच बेकिंग सोडा में थोड़ा पानी मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बनाएं। इसे दाग वाली जगह पर लगाकर 15 मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद हल्के गर्म पानी में कपड़ा भिगोकर सतह को साफ करें।
सफेद सिरका और पानी का स्प्रे
हल्की चिकनाई के लिए सफेद सिरका और पानी का मिश्रण उपयोगी हो सकता है। एक स्प्रे बोतल में समान मात्रा में पानी और सफेद सिरका मिलाकर इसे तेल वाली जगह पर स्प्रे करें। कुछ मिनट बाद मुलायम कपड़े से पोंछ दें।
भाप से नरम करें जमी हुई गंदगी
कभी-कभी पुरानी चिकनाई इतनी मोटी हो जाती है कि सीधे कपड़े से पोंछने पर नहीं निकलती। ऐसे में गर्म भाप का उपयोग करें। गर्म पानी से बनने वाली भाप को चिकनाई वाली सतह पर कुछ समय तक पहुंचने दें।
धीरे-धीरे सफाई करें
अगर गैस के पीछे कई दिनों से तेल की परत जमा है, तो उसे एक बार में हटाने के बजाय चरणबद्ध तरीके से साफ करना बेहतर है। पहले चिकनाई को नींबू-नमक, बेकिंग सोडा पेस्ट या किसी उपयुक्त किचन डिग्रीज़र से नरम करें।
सबसे आसान तरीका है नियमित सफाई। खाना बनाने के बाद गैस के आसपास और पीछे की टाइल्स को हल्के गीले कपड़े से पोंछते रहने से ताजा तेल जमा होकर कठोर परत बनने की संभावना कम रहती है।