घर पर बनाएं कुरकुरी जलेबी: आसान विधि और टिप्स
जलेबी बनाने की विधि
इंदौर का पोहा-जलेबी का कॉम्बिनेशन पूरे देश में लोकप्रिय है। खासकर गर्मागर्म, पतली और कुरकुरी जलेबी का स्वाद ऐसा होता है कि इसे देखकर खाने का मन करता है। यदि आप भी बाजार जैसी जलेबी अपने घर पर बनाना चाहते हैं, तो इसके लिए बार-बार मिठाई की दुकान पर जाने की आवश्यकता नहीं है।
सही मिश्रण और तापमान का ध्यान रखते हुए, आप अपनी रसोई में भी ऐसी जलेबी बना सकते हैं, जो बाहर से कुरकुरी और अंदर से चाशनी से भरी हो। घोल को कुछ घंटों के लिए खमीर उठाने के लिए छोड़ने से जलेबी में हल्की खटास आ जाती है, जो इसके स्वाद को और भी बढ़ा देती है।
जलेबी के लिए सामग्री: आवश्यक चीजें
जलेबी का घोल बनाने के लिए आपको मैदा, थोड़ा बेसन, दही, बेकिंग पाउडर और बेकिंग सोडा चाहिए। स्वाद बढ़ाने के लिए इलायची पाउडर भी डाल सकते हैं। यदि आप जलेबी में बाजार जैसा रंग चाहते हैं, तो थोड़ी मात्रा में खाने का रंग भी डाल सकते हैं।
चाशनी के लिए चीनी, पानी, इलायची, केसर और थोड़ा नींबू का रस आवश्यक है। जलेबी तलने के लिए आप तेल, घी या दोनों का मिश्रण इस्तेमाल कर सकते हैं।
घोल: कंसिस्टेंसी पर ध्यान दें
एक बर्तन में मैदा, बेसन, बेकिंग पाउडर और बेकिंग सोडा को अच्छे से मिलाएं। इसके बाद दही और इलायची पाउडर डालें। अब पानी को धीरे-धीरे मिलाते हुए घोल तैयार करें।
घोल न तो बहुत पतला होना चाहिए और न ही इतना गाढ़ा कि बोतल से आसानी से बाहर न निकले। जब इसे बोतल से दबाकर निकाला जाए, तो यह लगातार धार के रूप में बाहर आना चाहिए।
अगर घोल तेल में डालते ही फैलने लगे, तो समझें कि यह ज्यादा पतला है। ऐसी स्थिति में थोड़ा मैदा मिलाएं। वहीं, अगर घोल आसानी से बाहर नहीं निकल रहा है, तो थोड़ा पानी डालें। पानी हमेशा कम मात्रा में डालें, ताकि कंसिस्टेंसी खराब न हो।
खमीर उठाना: घोल को समय दें
घोल तैयार होने के बाद, इसे ढककर गर्म स्थान पर लगभग 10 से 12 घंटे के लिए रख दें। ठंडे मौसम में खमीर उठाने में थोड़ा अधिक समय लग सकता है।
जब घोल की सतह पर छोटे-छोटे बुलबुले दिखाई देने लगें, तो यह संकेत है कि घोल तैयार है। जलेबी बनाने से पहले इसे हल्के हाथ से फेंट लें। अगर घोल ज्यादा गाढ़ा लगे, तो इसमें एक बड़ा चम्मच पानी मिलाकर सही कंसिस्टेंसी प्राप्त की जा सकती है।
चाशनी: सही तरीके से बनाएं
अब एक पैन में चीनी और पानी डालकर उबालें। इसमें इलायची और कुछ केसर डालें। स्वाद को संतुलित करने और चाशनी को ज्यादा क्रिस्टलाइज होने से बचाने के लिए थोड़ा नींबू का रस भी डाल सकते हैं।
चाशनी को हल्का चिपचिपा होने तक पकाएं। यदि आप एक तार की चाशनी बनाना चाहते हैं, तो थोड़ी चाशनी अंगूठे और तर्जनी के बीच लेकर उंगलियों को अलग करें। यदि इनके बीच एक पतली तार बनती है, तो चाशनी तैयार है।
चाशनी को गर्म रखें, लेकिन इसे जरूरत से ज्यादा गाढ़ा न होने दें।
तलना: जलेबी का आकार बनाना
अब तैयार घोल को पतली नोक वाली निचोड़ने की बोतल में भरें। पतली जलेबी बनाने के लिए बोतल का मुंह बहुत चौड़ा नहीं होना चाहिए।
कड़ाही में तेल या घी गर्म करें और शुरुआत में आंच मध्यम से धीमी रखें। घोल को सीधे बहुत गर्म तेल में डालने से वह फैल सकता है और जलेबी का आकार बिगड़ सकता है।
अब बोतल को दबाते हुए तेल में अंदर से बाहर की तरफ गोल-गोल घुमाकर घोल डालें। जलेबी का आकार बनने के बाद, आंच को मध्यम से तेज कर सकते हैं और इसे दोनों तरफ से सुनहरा और कुरकुरा होने तक तलें।
चाशनी में डुबाना: गर्म जलेबी को तुरंत डालें
जलेबी अच्छी तरह सुनहरी और कुरकुरी हो जाए, तो इसे तेल से निकालें और तुरंत गर्म चाशनी में डाल दें। कुछ सेकंड दोनों तरफ रहने के बाद इसे बाहर निकाल लें।
जलेबी को लंबे समय तक चाशनी में रखने से उसका कुरकुरापन कम हो सकता है। तैयार जलेबी को प्लेट में निकालें और चाहें तो ऊपर से कटे हुए मेवे डालकर सजाएं।
इसे गर्म दूध या मलाईदार रबड़ी के साथ परोसने पर स्वाद और भी बढ़ जाता है।
कुरकुरी जलेबी: ध्यान देने योग्य बातें
घर पर हलवाई जैसी पतली और कुरकुरी जलेबी बनाने के लिए सबसे जरूरी है घोल की सही कंसिस्टेंसी और तेल का सही तापमान। घोल बहुत पतला या बहुत गाढ़ा होने पर जलेबी का आकार बिगड़ सकता है। वहीं, तेल जरूरत से ज्यादा गर्म होने पर जलेबी जल्दी सिक सकती है और उसका सही आकार बनाना मुश्किल हो सकता है।
इन दोनों बातों का ध्यान रखकर आप घर पर भी रस से भरी, पतली और कुरकुरी जलेबी तैयार कर सकते हैं।