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जन्माष्टमी पर बारिश का पूर्वानुमान: जानें मौसम की पूरी जानकारी

4 सितंबर 2026 को जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाएगा, लेकिन इस बार कई राज्यों में बारिश का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने उत्तर और मध्य भारत के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश की संभावना जताई है। जानें इस दिन के लिए विशेष पूजा समय, अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का संयोग, और दिल्ली-NCR में मौसम की स्थिति के बारे में। साथ ही, बाहर निकलने से पहले मौसम अपडेट चेक करने की सलाह भी दी गई है।
 

जन्माष्टमी का पर्व और मौसम की स्थिति


4 सितंबर 2026 को देशभर में जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के लिए मंदिरों में विशेष सजावट और आधी रात की पूजा की तैयारियां चल रही हैं। हालांकि, इस बार कई राज्यों में बारिश त्योहार के उत्साह को प्रभावित कर सकती है। मौसम विभाग ने उत्तर और मध्य भारत के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश की संभावना जताई है।


बारिश का प्रभाव

मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-NCR और पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश का असर देखने को मिल सकता है। बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर के कुछ क्षेत्रों में भी तेज बारिश की संभावना बनी हुई है।


जन्माष्टमी पर अष्टमी और रोहिणी का संयोग

पंचांग के अनुसार, 4 सितंबर को भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि होगी, जो रात 2:25 बजे से शुरू होकर 5 सितंबर की रात 12:13 बजे तक रहेगी। रोहिणी नक्षत्र 4 सितंबर की रात 12:29 बजे से 5 सितंबर की रात 11:04 बजे तक रहेगा। इस दिन अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का संयोग बन रहा है, जो धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का समय है।


दिल्ली-NCR में मौसम की स्थिति

दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और फरीदाबाद समेत NCR के क्षेत्रों में जन्माष्टमी के दिन बादल छाए रहने की संभावना है। IMD के अनुसार, सुबह से दोपहर के बीच कई स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है, जबकि कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश भी देखने को मिल सकती है। रात में भी हल्की बारिश की संभावना है।


मध्य प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी

मध्य प्रदेश में 3 से 5 सितंबर के बीच कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। 4 सितंबर को पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। इसके अलावा उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में भी भारी बारिश का असर दिखाई दे सकता है।


ज्योतिषीय दृष्टिकोण

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, 4 सितंबर को चंद्रमा वृषभ राशि में रोहिणी नक्षत्र से गुजरेगा। वृषभ राशि में चंद्रमा को उच्च माना जाता है। इस समय गुरु कर्क राशि और वक्री शनि मीन राशि में स्थित हैं, जो जल तत्व से संबंधित हैं। इसे बारिश और नमी से जोड़कर देखा जा रहा है।


जन्माष्टमी पर बाहर निकलने से पहले ध्यान रखें

जन्माष्टमी की रात घर से निकलने से पहले अपने शहर का ताजा मौसम अपडेट जरूर जांच लें। यदि आप खुले मैदान में झांकी देखने जा रहे हैं, तो छाता या रेनकोट साथ रखें। तेज गरज-चमक के दौरान पेड़ या बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों। जलभराव वाली सड़कों से गुजरने से बचें और रात में वाहन चलाते समय बारिश और कम दृश्यता का ध्यान रखें।


बारिश की संभावना

उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में 4 सितंबर को बारिश की संभावना है, जिसमें कुछ इलाकों में भारी बारिश भी हो सकती है।


दिल्ली में मौसम की स्थिति

दिल्ली-NCR में बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश भी हो सकती है।


बारिश का प्रभाव

मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्से बारिश से प्रभावित हो सकते हैं।


जन्माष्टमी पर नक्षत्र

4 सितंबर को जन्माष्टमी के दौरान रोहिणी नक्षत्र रहेगा।


ज्योतिषीय संकेत

ज्योतिषीय मान्यताओं में रोहिणी नक्षत्र में चंद्रमा और जल राशियों में गुरु-शनि की स्थिति को नमी और बारिश से जोड़ा जा रहा है। हालांकि, मौसम का आधिकारिक आकलन IMD के पूर्वानुमान से ही किया जाना चाहिए।