ताली बजाने के अद्भुत स्वास्थ्य लाभ: जानें कैसे यह आपके शरीर को ऊर्जा देता है
ताली बजाने का जादुई प्रभाव
स्वास्थ्य को बनाए रखने और समग्र कल्याण को बढ़ावा देने के लिए कई प्रकार की एक्सरसाइज मौजूद हैं। क्या आप जानते हैं कि अपने हाथों और हथेलियों का उपयोग करके आप अपने पूरे शरीर को सक्रिय कर सकते हैं? यह सुनने में अजीब लग सकता है, लेकिन यह सच है। हम ताली बजाने की बात कर रहे हैं, जो एक सरल और सहज क्रिया है, लेकिन यह शरीर के लिए एक "जादुई उपचार" साबित हो सकती है।
आयुर्वेद में ताली बजाने का महत्व
आयुर्वेद में इसे 'कर वदन क्रिया' कहा जाता है। इस प्राचीन चिकित्सा पद्धति के अनुसार, हाथ और हथेलियां शरीर के सभी अंगों का प्रतिनिधित्व करती हैं। सरल शब्दों में कहें तो, हथेलियां पूरे शरीर से जुड़ी होती हैं। इनमें शरीर के महत्वपूर्ण मर्म बिंदु होते हैं, जो कई बीमारियों को कम करने में सहायक होते हैं। रोजाना केवल 10 से 15 मिनट ताली बजाने से आप गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बच सकते हैं। एक्यूप्रेशर, जो आयुर्वेद का एक हिस्सा है, रक्तचाप और शुगर स्तर को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है, बशर्ते आप सही मर्म बिंदुओं को जानें।
ताली बजाने के स्वास्थ्य लाभ
ताली बजाने से हृदय और रक्त वाहिकाओं पर दबाव कम होता है। यह कोलेस्ट्रॉल को भी घटाता है, जिससे रक्त वाहिकाएं बेहतर तरीके से रक्त संचार करती हैं, और इससे उच्च रक्तचाप और हृदय रोग का खतरा कम होता है। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि ताली बजाने से तनाव भी कम होता है। यह तनाव हार्मोन कोर्टिसोल के उत्पादन को घटाता है और मस्तिष्क में डोपामाइन और सेरोटोनिन के स्तर को बढ़ाता है, जिससे मन प्रसन्न होता है और तनाव तथा चिंता से राहत मिलती है। यह अच्छी नींद लाने में भी सहायक है।
अस्थमा और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं में लाभ
अस्थमा के रोगियों के लिए ताली बजाना अत्यंत लाभकारी है। यह रक्त में ऑक्सीजन के प्रवाह को तेज करता है, जिससे मस्तिष्क और फेफड़ों को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलती है। यह फेफड़ों की कार्यक्षमता को भी मजबूत बनाता है। इसके अतिरिक्त, ताली बजाने का पाचन और इम्यूनिटी पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसका पेट और यकृत से सीधा संबंध है। ताली बजाने से पाचन अग्नि सक्रिय होती है, जिससे कब्ज और गैस जैसी समस्याएं कम होती हैं।