पुरुषों के लिए स्वास्थ्य संकेत: इरेक्टाइल डिस्फंक्शन और अन्य लक्षणों पर ध्यान दें
स्वास्थ्य संकेतों की पहचान
जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, शरीर में कई प्रकार के लक्षण प्रकट होते हैं। पुरुष अक्सर थकान, नींद की कमी, खर्राटे और यौन स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को सामान्य मान लेते हैं। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि ये लक्षण केवल सामान्य परेशानियाँ नहीं हैं; ये दिल और रक्त वाहिकाओं से संबंधित गंभीर बीमारियों के प्रारंभिक संकेत हो सकते हैं। कार्डियोथोरेसिक सर्जन डॉ. जेरेमी लंदन ने हाल ही में एक इंस्टाग्राम वीडियो में चार ऐसे संकेतों के बारे में बताया है, जिन्हें पुरुष अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं।
इरेक्टाइल डिस्फंक्शन: एक गंभीर संकेत
इरेक्टाइल डिस्फंक्शन को हल्के में क्यों नहीं लेना चाहिए?
डॉ. लंदन के अनुसार, इरेक्टाइल डिस्फंक्शन एक महत्वपूर्ण चेतावनी संकेत है। इसे केवल यौन स्वास्थ्य की समस्या मानना एक बड़ी गलती है। इरेक्शन के लिए जिम्मेदार रक्त वाहिकाएं शरीर की सबसे पतली होती हैं। जब ये बंद होने लगती हैं या रक्त प्रवाह कम होता है, तो इसका प्रभाव पहले यौन स्वास्थ्य पर ही दिखाई देता है। कई बार, इरेक्टाइल डिस्फंक्शन दिल की बीमारी का संकेत देता है, इससे पहले कि सीने में दर्द या दिल का दौरा जैसे लक्षण प्रकट हों। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यदि किसी पुरुष को अचानक इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का सामना करना पड़े, तो उसे दवाओं पर निर्भर रहने के बजाय दिल की पूरी जांच करवानी चाहिए।
कम टेस्टोस्टेरोन: एक और चेतावनी
कम टेस्टोस्टेरोन: एक और अहम कारण
डॉ. लंदन ने कम टेस्टोस्टेरोन को भी एक महत्वपूर्ण चेतावनी संकेत बताया है। कई पुरुष इसे उम्र बढ़ने का सामान्य प्रभाव मानते हैं, लेकिन इसके पीछे पेट की चर्बी, नींद की कमी और शारीरिक गतिविधियों की कमी जैसे कारण हो सकते हैं। यदि इन पर ध्यान दिया जाए, तो हार्मोनल स्वास्थ्य को सुधारना संभव है। इसलिए, दवाओं या सप्लीमेंट्स का सहारा लेने से पहले जीवनशैली में बदलाव लाना आवश्यक है।
दिल की सेहत का ध्यान
दिल के स्वास्थ्य को प्राथमिकता कब देनी चाहिए?
तीसरा चेतावनी संकेत है दिल की बीमारी का कम उम्र में शुरू होना। डॉ. लंदन बताते हैं कि महिलाओं को रजोनिवृत्ति तक एस्ट्रोजन हार्मोन से सुरक्षा मिलती है, जबकि पुरुषों के पास यह सुरक्षा नहीं होती। इसलिए, पुरुषों में दिल की बीमारी महिलाओं की तुलना में लगभग एक दशक पहले शुरू हो सकती है। इसलिए, 30 और 40 के दशक में दिल की सेहत पर ध्यान देना चाहिए।
खर्राटे: एक और चेतावनी
ज़ोर से खर्राटे लेना: एक चेतावनी का संकेत
चौथा चेतावनी संकेत स्लीप एपनिया है। यदि कोई व्यक्ति जोर से खर्राटे लेता है, रात में उसकी नींद बार-बार टूटती है, या पूरी नींद लेने के बाद भी थकान महसूस करता है, तो यह स्लीप एपनिया का संकेत हो सकता है। डॉ. लंदन चेतावनी देते हैं कि इस स्थिति के कारण उच्च रक्तचाप, दिल की धड़कन का अनियमित होना और दिल पर अधिक दबाव जैसी समस्याएं हो सकती हैं। चिंता की बात यह है कि बड़ी संख्या में पुरुष इस समस्या से पीड़ित हैं, और उन्हें इसका पता भी नहीं होता।