×

बच्चों के मानसिक विकास के लिए 'वर्ल्ड ब्रेन डे' पर महत्वपूर्ण सुझाव

22 जुलाई को 'वर्ल्ड ब्रेन डे' के अवसर पर, बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मोबाइल और स्क्रीन के अत्यधिक उपयोग से बच्चों की मानसिक सेहत पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इस लेख में, हम जानेंगे कि कैसे अच्छी नींद, संतुलित आहार और शारीरिक गतिविधियाँ बच्चों के मानसिक विकास में सहायक हो सकती हैं। पढ़ाई के दबाव को कम करने और सकारात्मक माहौल बनाने के लिए माता-पिता को क्या कदम उठाने चाहिए, इस पर भी चर्चा की गई है।
 

विश्व मस्तिष्क दिवस: बच्चों की मानसिक सेहत पर ध्यान


आज, 22 जुलाई को 'वर्ल्ड ब्रेन डे' मनाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य मस्तिष्क की सेहत के महत्व के प्रति जागरूकता फैलाना है। मानसिक स्वास्थ्य में कमी जीवन के विभिन्न पहलुओं पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। इस अवसर पर, हम बच्चों के मानसिक विकास से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा करेंगे। वर्तमान में, बच्चों द्वारा मोबाइल का अत्यधिक उपयोग और स्क्रीन के सामने बिताया गया समय उनके मानसिक विकास को प्रभावित कर रहा है, साथ ही उनकी शारीरिक गतिविधियों में भी कमी आई है।


बच्चों का मस्तिष्क निरंतर विकासशील होता है। प्रारंभिक वर्षों में, उनकी सीखने की क्षमता, याददाश्त, ध्यान केंद्रित करने की क्षमता और समस्याओं को हल करने के कौशल तेजी से बढ़ते हैं। 'वर्ल्ड ब्रेन डे' के अवसर पर, आइए उन सामान्य आदतों पर ध्यान दें जो बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, IQ और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता को प्रभावित कर सकती हैं।


बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डालने वाली आदतें
डॉ. सोनिया लाल गुप्ता, जो एक वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट और मेट्रो ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स की जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर हैं, बताती हैं कि देर रात तक मोबाइल, टीवी या अन्य स्क्रीन का उपयोग करने से नींद की समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इससे बच्चों में चिड़चिड़ापन, ध्यान की कमी और सीखने की क्षमता में कमी आ सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि आजकल बच्चे शारीरिक रूप से कम सक्रिय रहते हैं, जो उनके मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। इसके अलावा, जंक फूड, चीनी और प्रोसेस्ड फूड का अधिक सेवन बच्चों की ऊर्जा और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है।


इन बातों का ध्यान रखें
पूर्ण नींद और संतुलित आहार: बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के विकास के लिए अच्छी नींद आवश्यक है। नींद के दौरान, मस्तिष्क दिनभर की जानकारी को व्यवस्थित करता है, जिससे याददाश्त मजबूत होती है। मानसिक स्वास्थ्य के लिए पोषक तत्वों से भरपूर आहार भी महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रोटीन, ओमेगा-3 फैटी एसिड, आयरन, विटामिन और मिनरल से भरपूर खाद्य पदार्थ मस्तिष्क के कार्य को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। बचपन की आदतें न्यूरोलॉजिकल विकास पर प्रभाव डालती हैं, जिससे नए न्यूरल कनेक्शन बनते हैं। नींद की कमी, लंबे समय तक स्क्रीन के सामने रहना और तनाव जैसी चीजें इस प्रक्रिया में बाधा डाल सकती हैं, जिससे सोचने-समझने की क्षमता, ध्यान केंद्रित करने की क्षमता और सीखने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। इसलिए, बच्चों के लिए पर्याप्त नींद लेना और स्क्रीन टाइम को सीमित करना आवश्यक है।


शारीरिक गतिविधि का महत्व - आज के डिजिटल युग में, बच्चे मोबाइल उपकरणों और स्क्रीन पर बहुत अधिक समय बिताते हैं। इसके विपरीत, खेल और शारीरिक व्यायाम से मस्तिष्क में रक्त का प्रवाह बेहतर होता है, जिससे ध्यान केंद्रित करने और नई चीजें सीखने की क्षमता बढ़ती है। बच्चों को केवल किताबें पढ़ने के बजाय आर्ट, म्यूजिक, पज़ल, कहानी सुनाने और नई स्किल्स सीखने जैसी गतिविधियों में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। ये गतिविधियाँ मस्तिष्क के विभिन्न हिस्सों को सक्रिय करती हैं और रचनात्मकता को बढ़ावा देती हैं। पढ़ाई का अत्यधिक दबाव बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है; माता-पिता को अपने बच्चों के साथ खुलकर बातचीत करनी चाहिए और ऐसा सकारात्मक माहौल प्रदान करना चाहिए जो उनकी रुचियों को बढ़ावा दे।