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ब्रेकअप के बाद कैसे करें खुद को संभालें: विशेषज्ञ की सलाह

ब्रेकअप के बाद उबरना कठिन हो सकता है, खासकर जब रिश्ता लंबा हो। इस लेख में, विशेषज्ञ डॉ. द्रोण शर्मा ने ब्रेकअप के दर्द से उबरने के लिए उपयोगी सुझाव दिए हैं। वे बताते हैं कि कैसे खुद को दोष देने से बचें और अपने मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें। साथ ही, चार हफ्ते का CBT-बेस्ड प्लान भी साझा किया गया है, जो आपको अपने जीवन को फिर से संवारने में मदद करेगा। जानें कि कब प्रोफेशनल मदद लेनी चाहिए और कैसे अपने भावनात्मक स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है।
 

ब्रेकअप के दर्द से उबरने के उपाय


मैं 27 वर्ष की हूं और पिछले तीन वर्षों से एक रिश्ते में थी। पिछले साल, मेरे साथी ने अचानक यह कहते हुए संबंध समाप्त कर दिया कि उसे इस रिश्ते में भविष्य नहीं दिखता। मैंने सोचा कि समय के साथ मैं ठीक हो जाऊंगी, लेकिन छह महीने बीत जाने के बाद भी मैं इस दर्द से बाहर नहीं निकल पाई।


पहले मैं बहुत मिलनसार थी, लेकिन अब दोस्तों से मिलने का मन नहीं करता। ऑफिस से घर लौटने के बाद, मैं घंटों अकेली बैठी रहती हूं। कई बार उसके पुराने संदेश पढ़कर रोने लगती हूं और सोचती हूं कि मुझमें ऐसी क्या कमी थी कि उसने मुझे छोड़ दिया।


मुझे सबसे ज्यादा डर इस बात का है कि शायद मुझे फिर कभी ऐसा प्यार नहीं मिलेगा। मैं इस रिश्ते को भुला नहीं पा रही हूं। मुझे क्या करना चाहिए?


विशेषज्ञ की राय

विशेषज्ञ: डॉ. द्रोण शर्मा, कंसल्टेंट साइकेट्रिस्ट, आयरलैंड और यूके।


तीन साल का रिश्ता टूटना आसान नहीं होता


यह समझना आवश्यक है कि तीन साल के रिश्ते के टूटने पर दुख, खालीपन और उदासी महसूस करना स्वाभाविक है। किसी करीबी रिश्ते का अंत कभी-कभी किसी प्रिय व्यक्ति को खोने जैसा होता है।


आपके मामले में, यह महत्वपूर्ण है कि ब्रेकअप अचानक हुआ और आपको उसके निर्णय का कारण स्पष्ट नहीं हुआ। उसने केवल इतना कहा कि उसे रिश्ते में भविष्य नहीं दिखता।


लेकिन इसका क्या मतलब था? क्या वह शादी के बारे में असमंजस में था? क्या बच्चों, करियर या रहने की जगह को लेकर आपकी सोच अलग थी? क्या परिवार से जुड़ी कोई समस्या थी? या वह खुद इस रिश्ते में खुश नहीं था?


सबसे महत्वपूर्ण यह है कि क्या उसने अपनी समस्याओं के बारे में आपसे पहले कभी खुलकर बात की थी? अगर ऐसा नहीं हुआ, तो आपको उस रिश्ते के अंत को समझने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला।


खुद को दोष देना समस्या को बढ़ा सकता है

ब्रेकअप के बाद जब कारण स्पष्ट नहीं होते, तो व्यक्ति अक्सर खुद में कमियां तलाशने लगता है। आपके मन में भी बार-बार यह सवाल आ रहा है—'मुझमें क्या कमी थी?'


लेकिन इस सवाल को थोड़ा बदलने की आवश्यकता है। खुद से पूछें—'क्या मेरे पास कोई ठोस सबूत है कि रिश्ता सिर्फ मेरी किसी कमी की वजह से खत्म हुआ?'


रिश्ते में आपकी भी कुछ गलतियां हो सकती हैं, लेकिन किसी रिश्ते का अंत हमेशा एक व्यक्ति की गलती नहीं होता। अगर आपके साथी ने अपनी समस्याएं साझा नहीं कीं, तो आपके लिए उन्हें समझना मुश्किल था।


क्या लंबे समय तक बना दुख डिप्रेशन का संकेत हो सकता है?

यहां एक चिकित्सकीय अंतर समझना आवश्यक है। Prolonged Grief Disorder (PGD) एक औपचारिक मानसिक स्वास्थ्य निदान है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद लंबे समय तक बने रहने वाले शोक के संदर्भ में किया जाता है।


हालांकि, ब्रेकअप के बाद लंबे समय तक बना दुख, बार-बार उसी घटना के बारे में सोचना, सामाजिक गतिविधियों से दूरी और जीवन के अन्य हिस्सों में रुचि कम होना मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है।


आपके मामले में, छह महीने बाद भी सामाजिक रूप से अलग-थलग रहना, घंटों अकेले बैठना और पुराने संदेश पढ़कर बार-बार रोना ऐसी स्थिति है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।


ब्रेकअप का दुख है या डिप्रेशन?

इन लक्षणों के आधार पर खुद से डिप्रेशन का निदान करना सही नहीं है। लेकिन आप अपने पिछले दो हफ्तों के अनुभवों पर ध्यान दे सकती हैं।


अगर आपका दुख मुख्य रूप से उसी व्यक्ति, ब्रेकअप और उससे जुड़े सवालों के आसपास घूमता है, लेकिन जीवन के अन्य हिस्सों में आपको कभी-कभी खुशी या रुचि महसूस होती है, तो यह ब्रेकअप के बाद होने वाले ग्रीफ और एडजस्टमेंट का हिस्सा हो सकता है।


लेकिन अगर—



  • लगभग हर चीज में उदासी या रुचि की कमी महसूस हो रही है।

  • दोस्तों और परिवार से दूरी लगातार बढ़ रही है।

  • नींद या भूख में बड़ा बदलाव आया है।

  • हर समय थकान या ऊर्जा की कमी महसूस होती है।

  • काम पर ध्यान लगाना मुश्किल हो रहा है।

  • खुद को बेकार या निराश महसूस करती हैं।

  • भविष्य को लेकर लगातार नकारात्मक विचार आते हैं।


तो प्रोफेशनल मदद लेना जरूरी हो सकता है।


ब्रेकअप से उबरने के लिए 4 हफ्ते का CBT-बेस्ड प्लान

पहला हफ्ता: 'उसने मुझे क्यों छोड़ा?' सवाल को बदलें


एक कागज पर तीन कॉलम बनाएं—



  1. जो मैं जानती हूं

  2. जो उसने वास्तव में कहा

  3. जो मैं अनुमान लगा रही हूं


उदाहरण के लिए—


फैक्ट: उसने कहा कि उसे रिश्ते में अपना भविष्य नजर नहीं आता।


अनुमान: इसका मतलब है कि मुझमें कोई कमी थी।


ध्यान रखें, ये दोनों बातें एक जैसी नहीं हैं।


इसके बाद अपने तीन साल के रिश्ते की ईमानदारी से समीक्षा करें।


खुद से पूछें—



  • मैंने रिश्ते में क्या अच्छा किया?

  • मेरी कौन-सी गलतियां थीं?

  • क्या मैंने उसकी जरूरतों को समझने की कोशिश की?

  • क्या मैं असहमति या विवाद से बचती रही?

  • क्या ऐसा कोई व्यवहार है जिसे मैं भविष्य के रिश्ते में बदलना चाहूंगी?


इस एक्सरसाइज का उद्देश्य खुद को पूरी तरह सही साबित करना नहीं है। इसका उद्देश्य अपनी वास्तविक जिम्मेदारी को समझना है।


दूसरा हफ्ता: सेल्फ-ब्लेम को चुनौती दें

जब भी आपके मन में आए—'मुझमें क्या कमी थी?'


तो खुद से पूछें—'मैं ऐसा क्यों सोच रही हूं? इस विचार के पीछे मेरे पास क्या सबूत है?'


अगर वह लंबे समय से किसी परेशानी से जूझ रहा था, तो उसे अपनी भावनाएं और चिंताएं आपके साथ साझा करनी चाहिए थीं।


यह भी संभव है कि उसकी कुछ चिंताएं वाजिब रही हों। लेकिन उसकी पूरी स्थिति जाने बिना उसके इरादों या व्यक्तित्व के बारे में कोई पक्का निष्कर्ष निकालना ठीक नहीं होगा।


पुराने मैसेज से दूरी बनाएं

पुराने मैसेज डिलीट करना जरूरी नहीं है। लेकिन कुछ समय के लिए उन्हें अपनी नजरों से दूर कर दें।


अगले सात दिनों का लक्ष्य बनाएं कि आप पुराने मैसेज नहीं पढ़ेंगी।


इसका उद्देश्य यादों को मिटाना नहीं है। मकसद सिर्फ उस मानसिक लूप को तोड़ना है, जिसमें आप बार-बार पुरानी बातचीत और उसी दर्द में लौट जाती हैं।


तीसरा हफ्ता: अपनी जिंदगी को फिर से बड़ा बनाएं

ब्रेकअप के बाद सबसे जरूरी बातों में से एक है यह समझना कि आपकी पहचान सिर्फ उस रिश्ते तक सीमित नहीं है।


धीरे-धीरे अपनी जिंदगी में दूसरी चीजों के लिए जगह बनाएं।



  • हर सप्ताह कम से कम दो दोस्तों से फोन पर बात करें।

  • कम से कम एक दोस्त से मिलें।

  • सप्ताह में करीब तीन दिन 30 मिनट कोई शारीरिक गतिविधि करें।

  • ऐसा शौक दोबारा शुरू करें, जिसे आप रिश्ते से पहले पसंद करती थीं।

  • कोई नई गतिविधि शुरू करें, जिसका उस व्यक्ति से कोई संबंध न हो।

  • रविवार को आने वाले सप्ताह की योजना बनाएं।


सबसे महत्वपूर्ण बात—मूड अच्छा होने का इंतजार न करें।


चौथा हफ्ता: अगली रिलेशनशिप के लिए सीख निकालें

अब सवाल यह नहीं होना चाहिए—'अगली बार मैं ऐसी कैसे बनूं कि कोई मुझे छोड़कर न जाए?'


इसकी जगह सवाल होना चाहिए—'अगली बार हम दोनों अपने रिश्ते में समस्याओं पर खुलकर कैसे बात करेंगे?'


भविष्य के किसी गंभीर रिश्ते में इन मुद्दों पर शुरुआत से बातचीत करना जरूरी है—



  • मतभेद होने पर हम उन्हें कैसे सुलझाएंगे?

  • अगर किसी एक व्यक्ति को रिश्ते में परेशानी होगी तो क्या वह खुलकर बताएगा?

  • शादी को लेकर दोनों की क्या सोच है?

  • बच्चों को लेकर क्या विचार हैं?

  • करियर और रहने की जगह को लेकर क्या योजनाएं हैं?

  • क्या हम मुश्किल बातचीत से बचते हैं या उनका सामना करते हैं?


एक स्वस्थ रिश्ते में सिर्फ प्यार ही जरूरी नहीं होता। कम्युनिकेशन, भरोसा, सम्मान और मुश्किल परिस्थितियों पर खुलकर बात करने की क्षमता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।


सबसे जरूरी बात: खुद को बदलकर किसी को रोकना आपका लक्ष्य नहीं

किसी रिश्ते का खत्म होना हमेशा यह साबित नहीं करता कि आपमें कोई कमी है।


हां, हर रिश्ते से कुछ सीखना चाहिए। अपनी गलतियों को पहचानना चाहिए और जहां जरूरी हो, वहां अपने व्यवहार में बदलाव भी करना चाहिए। लेकिन सिर्फ इस डर से खुद को बदलते रहना कि अगला व्यक्ति आपको छोड़कर न जाए, स्वस्थ तरीका नहीं है।


आपको ऐसी रिलेशनशिप की जरूरत है जहां दोनों लोग अपनी परेशानियों, उम्मीदों और भविष्य को लेकर खुलकर बात कर सकें।


कब लेनी चाहिए प्रोफेशनल मदद?

अगर छह महीने बाद भी आपका दुख आपकी रोजमर्रा की जिंदगी, काम, नींद, सामाजिक रिश्तों या आपकी खुशी को लगातार प्रभावित कर रहा है, तो किसी मनोवैज्ञानिक, काउंसलर या मनोचिकित्सक से बात करना मददगार हो सकता है।


मदद लेना कमजोरी नहीं है। कभी-कभी किसी रिश्ते से बाहर निकलने के लिए सिर्फ समय नहीं, बल्कि सही तरीके से अपनी भावनाओं को समझना और उनसे निपटना भी जरूरी होता है।


और सबसे अहम बात—किसी एक व्यक्ति का आपको छोड़ देना आपकी पूरी जिंदगी में प्यार की संभावना खत्म नहीं करता।