ब्रेन रॉट: ऑनलाइन समय बिताने का दिमाग पर असर
ब्रेन रॉट की बढ़ती चर्चा
हाल के समय में, 'ब्रेन रॉट' शब्द ने काफी ध्यान आकर्षित किया है। इसका अर्थ है ऑनलाइन अत्यधिक समय बिताना, जिससे दिमाग पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने लगता है। सोशल मीडिया पर घंटों तक स्क्रॉल करने के बाद थकान, चिड़चिड़ापन और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई जैसी समस्याएं इसी से जुड़ी हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह शब्द भले ही हल्का लगे, लेकिन इसके पीछे गंभीर मुद्दे छिपे हैं।
ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई
अब कई लोग ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं। जो लोग पहले बिना किसी परेशानी के किताबें पढ़ लेते थे, अब वे कुछ पन्नों के बाद ही अपना ध्यान खो देते हैं। इसका मुख्य कारण स्मार्टफोन है, विशेष रूप से लगातार आने वाले नोटिफिकेशन्स जो दिमाग को भटकाते हैं। शोध बताते हैं कि TikTok, Instagram और YouTube Shorts जैसे प्लेटफार्मों पर छोटे वीडियो देखने से ध्यान, याददाश्त और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
शोधकर्ताओं की राय
MIT की शोधकर्ता नतालिया कोस्मिना के अनुसार, आज के लोग 20 मिनट का वीडियो देखने में भी कठिनाई महसूस करते हैं, क्योंकि उनका दिमाग छोटे वीडियो देखने का आदी हो चुका है। हालांकि, इस प्रवृत्ति के दीर्घकालिक प्रभावों पर अभी तक कोई स्पष्ट सहमति नहीं बनी है। कुछ अध्ययनों में यह पाया गया है कि जिन लोगों का स्क्रीन टाइम बहुत अधिक होता है, उनके दिमाग के कुछ हिस्सों में संरचनात्मक परिवर्तन देखे गए हैं।
अध्ययन के निष्कर्ष
2025 में प्रकाशित एक अध्ययन में 7,000 से अधिक बच्चों पर शोध किया गया, जिसमें पाया गया कि अत्यधिक स्क्रीन टाइम से दिमाग की बाहरी परत, जिसे कॉर्टेक्स कहा जाता है, की मोटाई कम हो सकती है। यह हिस्सा सोचने, याद रखने और निर्णय लेने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके अलावा, अधिक स्क्रीन टाइम से नींद का चक्र भी प्रभावित होता है। विशेष रूप से बच्चे और किशोर देर रात तक अपने फोन का उपयोग करते हैं, जिससे उन्हें पर्याप्त नींद नहीं मिलती।
छात्रों पर प्रभाव
AI चैटबॉट्स पर एक अध्ययन से पता चला है कि जो छात्र इन पर अत्यधिक निर्भर रहते हैं, वे खुद से कम सीखते हैं और उन्हें अपनी लिखी गई जानकारी याद रखने में कठिनाई होती है। इसका कारण यह है कि उनका दिमाग कम सक्रिय रहता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि स्क्रीन का उपयोग संतुलित तरीके से किया जाए: सोने से पहले फोन को दूर रखें, गैर-जरूरी ऐप्स को हटाएं, और तकनीक का उपयोग सोच-समझकर करें।