शादीशुदा जीवन में बोरियत: क्या कर सकते हैं कपल्स?
शादी का बंधन और रिश्तों की चुनौतियाँ
भारत में विवाह केवल दो व्यक्तियों का संबंध नहीं है, बल्कि इसे सात जन्मों का बंधन माना जाता है। विवाह के बाद, पति और पत्नी कई जिम्मेदारियों और पारिवारिक रिश्तों में बंध जाते हैं। लेकिन समय के साथ, कई जोड़ों के बीच की उत्सुकता और रोमांस में कमी आ जाती है। एक अध्ययन में यह सामने आया है कि लगभग 28 प्रतिशत कपल्स अपनी शादीशुदा जिंदगी में बोरियत महसूस कर रहे हैं। इस रिसर्च में शादी के साथ-साथ यौन जीवन पर भी कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत में यौन जीवन में पहले की तुलना में कमी आई है। अध्ययन में यह बताया गया है कि कई कपल्स अब सप्ताह में पहले की तुलना में कम समय यौन गतिविधियों में व्यतीत करते हैं।
देश के विभिन्न शहरों में किए गए इस सर्वे में पाया गया कि लगभग 16.6 प्रतिशत शादीशुदा कपल्स अपनी यौन जीवन से असंतुष्ट हैं। कई लोगों ने कहा कि शादी के प्रारंभिक वर्षों में रिश्ते में उत्साह और नजदीकी अधिक थी, लेकिन समय के साथ दोनों के बीच दूरी और बोरियत बढ़ने लगी।
एक शादीशुदा व्यक्ति ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि शादी के पहले कुछ वर्षों तक सब कुछ सामान्य और अच्छा रहा, लेकिन बाद में रिश्ते में पहले जैसी दिलचस्पी नहीं रही। उन्होंने यह भी बताया कि अब वह अपनी पत्नी के साथ पहले की तुलना में काफी कम यौन संबंध बनाते हैं। हालांकि, किसी भी रिश्ते में नजदीकी और संतोष कई व्यक्तिगत और सामाजिक कारणों पर निर्भर करता है। काम का तनाव, पारिवारिक जिम्मेदारियां, संवाद की कमी और बदलती जीवनशैली भी कपल्स के रिश्ते को प्रभावित कर सकती है।