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होली पर रंग लगाने के खिलाफ कानून: जानें आपकी सुरक्षा के लिए क्या है जरूरी

होली का त्योहार रंगों और खुशियों का प्रतीक है, लेकिन इसके साथ ही कुछ लोग दूसरों को ज़बरदस्ती रंग लगाने की कोशिश करते हैं। यह जानना जरूरी है कि कानून इस तरह के व्यवहार को कैसे देखता है। दिल्ली हाई कोर्ट के वकील दीपक ठुकराल ने बताया है कि किस तरह से इंडियन पीनल कोड (IPC) की धाराएं लागू होती हैं। इस लेख में हम जानेंगे कि होली पर रंग लगाने के खिलाफ क्या-क्या कानूनी प्रावधान हैं और आपकी सुरक्षा के लिए क्या आवश्यक है।
 

होली का रंग और सुरक्षा


जैसे ही होली का त्योहार नजदीक आता है, चारों ओर रंग और गुलाल का माहौल बन जाता है। लेकिन इस खुशी के पल में कुछ लोग दूसरों पर ज़बरदस्ती रंग डालने की कोशिश करते हैं, जो कि गलत है। कानून किसी को यह अधिकार नहीं देता कि वह आपकी इच्छा के खिलाफ रंग लगाए या यह कहकर आपको परेशान करे कि 'बुरा मत मानना, होली है!' आपकी सुरक्षा, प्राइवेसी और इज्ज़त की रक्षा के लिए कानून मौजूद हैं। यदि कोई व्यक्ति रंग लगाने की कोशिश करता है, आपका पीछा करता है, या आपके मना करने के बावजूद ज़बरदस्ती करता है, तो इंडियन पीनल कोड (IPC) की विभिन्न धाराएं तुरंत लागू की जा सकती हैं। इस विषय पर एक विशेष इंटरव्यू में, दिल्ली हाई कोर्ट के वकील दीपक ठुकराल ने उन धाराओं के बारे में जानकारी दी जिनके तहत आरोपी को सज़ा मिल सकती है और पीड़ित को न्याय मिल सकता है।


आइए जानते हैं...


कानूनी धाराएं

1. BNS सेक्शन 74 (ज़बरदस्ती रंग लगाना, छूना, गले लगाना)


इंडियन पीनल कोड के सेक्शन 74 के अनुसार, किसी महिला की अनुमति के बिना उसे छूना, ज़बरदस्ती रंग लगाना या गले लगाना, एक अपराध है। यदि कोई व्यक्ति होली के बहाने किसी महिला पर ज़बरदस्ती करता है, तो यह सेक्शन लागू होता है। इस अपराध में एक से पांच साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है। वकील दीपक ठुकराल बताते हैं कि पहले इस मामले में IPC के सेक्शन 354 के तहत केस दर्ज होते थे।


2. BNS सेक्शन 75 (सेक्सुअल हैरेसमेंट)


इंडियन पीनल कोड के सेक्शन 75 के तहत, किसी महिला को उसकी मर्ज़ी के बिना छूना या गंदे इशारे करना, सीधा जुर्म है। होली के दिन यदि कोई महिला के पास ज़बरदस्ती आता है या गंदे इशारे करता है, तो यह सेक्शन लागू होता है। ऐसे मामलों में आरोपी को 3 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।


3. BNS सेक्शन 79 (किसी महिला की इज़्ज़त को ठेस पहुँचाना)


सेक्शन 79 के तहत, किसी महिला की इज़्ज़त को ठेस पहुँचाने के इरादे से शब्द बोलना या इशारे करना, अपराध है। होली के दौरान किसी महिला पर गंदे कमेंट करना या उसे परेशान करने वाला व्यवहार इस सेक्शन के अंतर्गत आता है। ऐसे अपराधों में 3 साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है।


4. BNS सेक्शन 115 (2) (चोट पहुँचाना)


सेक्शन 115 (2) के तहत, किसी व्यक्ति को चोट पहुँचाना, जैसे धक्का देना या केमिकल रंगों से जलाना, एक अपराध है। यह तब लागू होता है जब कोई होली के बहाने किसी को नुकसान पहुँचाता है। इस जुर्म में एक साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।


5. BNS सेक्शन 270 (पब्लिक न्यूसेंस)


सेक्शन 270 पब्लिक न्यूसेंस को एक दंडनीय अपराध बनाता है। होली के दौरान सड़कों पर हंगामा करना, तेज आवाज में शोर मचाना, या लोगों के आने-जाने में रुकावट डालना, ये सभी पब्लिक न्यूसेंस के दायरे में आते हैं। ऐसे मामलों में कानून के अनुसार जुर्माना लगाया जाता है।


महत्वपूर्ण बातें

महिलाओं और युवतियों को रंग लगने से मना करने का अधिकार है।


किसी की मर्ज़ी के बिना उसे रंग लगाना कानूनी जुर्म है।


आप यह कहकर जुर्म से बच नहीं सकते कि यह मज़ाक है या होली है।


शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाती है।


जुर्म के आधार पर, अपराधी की तुरंत गिरफ्तारी भी हो सकती है।