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अमेरिका में फेफड़ों के कैंसर का चमत्कारी इलाज: एक दिन में पहचान और सर्जरी

टेक्सास, अमेरिका से आई एक चमत्कारिक खबर में, 61 वर्षीय एप्रिल बोड्रेयू का फेफड़ों का कैंसर केवल एक दिन में पहचान कर सर्जरी से ठीक किया गया। एप्रिल ने पहले भी गंभीर बीमारियों का सामना किया है, लेकिन इस बार उन्हें बिना कीमोथेरेपी के केवल 3 दिन में पूरी तरह स्वस्थ होने का अनुभव हुआ। जानें कैसे रोबोटिक तकनीक ने उनके इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
 

चमत्कारिक इलाज की कहानी


कैंसर का नाम सुनते ही लोगों में डर पैदा हो जाता है। इसके कठिन और लंबे उपचार की सोच से ही मरीज घबरा जाते हैं। लेकिन टेक्सास, अमेरिका से आई एक अद्भुत खबर ने चिकित्सा जगत को चौंका दिया है।


यहां की 61 वर्षीय महिला एप्रिल बोड्रेयू (April Boudreau) का फेफड़ों का कैंसर मात्र एक दिन में पहचान लिया गया और उसी दिन उसकी सर्जरी कर उसे पूरी तरह ठीक कर दिया गया।


जब बेहोशी में कैंसर गायब हुआ

एप्रिल के लिए कैंसर कोई नई बात नहीं थी। उन्होंने पहले भी हॉजकिन्स लिम्फोमा और ब्रेस्ट कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का सामना किया है। इस साल जनवरी में जब वह अपने नियमित सीटी स्कैन के लिए अस्पताल गईं, तो डॉक्टरों ने उनके दाहिने फेफड़े में एक संदिग्ध गांठ देखी।


बायोप्सी के लिए जब उन्हें टेक्सास हेल्थ हैरिस मेथोडिस्ट अस्पताल बुलाया गया, तो जांच के दौरान यह पुष्टि हुई कि वह गांठ प्रारंभिक चरण का फेफड़ों का कैंसर है।


रोबोटिक तकनीक से त्वरित उपचार

डॉक्टरों ने तुरंत सर्जरी करने का निर्णय लिया, जबकि एप्रिल बेहोश थीं। इसके लिए उन्होंने अत्याधुनिक रोबोटिक तकनीक का सहारा लिया। एक पतली नली (Catheter) के माध्यम से कैंसर वाली कोशिकाओं को निकाल दिया गया।


जब एप्रिल होश में आईं, तो डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि उनका कैंसर पहचान लिया गया है और उसे सफलतापूर्वक हटा दिया गया है। एप्रिल ने कहा, 'मुझे विश्वास नहीं हो रहा था कि बिना कीमोथेरेपी या रेडिएशन के, केवल 3 दिन दर्द की दवाइयां लीं और मैं पूरी तरह ठीक हो गई।'


बिना चीरा-फाड़ी के जल्दी छुट्टी

डॉक्टरों ने केवल 5 छोटे कट (Incisions) किए थे। इस नई तकनीक के कारण एप्रिल को अगले दिन ही अस्पताल से छुट्टी मिल गई। अस्पताल के प्रेसिडेंट जोसेफ डेलियोन ने बताया कि रोबोटिक तकनीक और प्रारंभिक पहचान के कारण अब कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से लोगों को बचाना आसान और सुरक्षित हो रहा है।