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इंफाल: मणिपुर की सांस्कृतिक धरोहर और दर्शनीय स्थल

इंफाल, मणिपुर का एक आकर्षक शहर है, जो अपनी सांस्कृतिक धरोहर और प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। यहां के हरे-भरे एयरपोर्ट से लेकर इमा मार्केट, कांगला किला और लोकताक झील तक, हर जगह की अपनी एक खासियत है। इस लेख में जानें इंफाल की यात्रा के दौरान देखने योग्य प्रमुख स्थलों के बारे में और कैसे आप इस अद्भुत शहर का अनुभव कर सकते हैं।
 

इंफाल एयरपोर्ट की खूबसूरती

इंफाल एयरपोर्ट की सुंदरता आपको मंत्रमुग्ध कर देगी। मणिपुर की पारंपरिक शैली में बनी हरी छतों वाला यह छोटा सा एयरपोर्ट इतना सहज है कि आप विमान से उतरते ही पैदल भवन में प्रवेश कर सकते हैं। इस शहर की प्राकृतिक और सांस्कृतिक छटा महानगरों की हलचल से दूर है। यहां के युवा आधुनिक कपड़ों में नजर आते हैं, जबकि महिलाएं पारंपरिक परिधानों जैसे ब्लाउज, फनेक और महीन दुपट्टे में सजी होती हैं। नाक से माथे तक चंदन का लंबा टीका उनकी सुंदरता को और बढ़ा देता है.


इमा मार्केट

शहर के केंद्र में स्थित इमा मार्केट महिलाओं की भागीदारी का प्रतीक है। इस बाजार को माताओं द्वारा संचालित किया जाता है, जहां केवल महिलाएं दुकानें चलाती हैं। यहां पारंपरिक परिधानों की दुकानें जैसे ब्लाउज, शॉल, चादर, दुपट्टे और गमछे उपलब्ध हैं। मार्केट के एक हिस्से में पूजा का सामान भी मिलता है.


कांगला किला की खोज

इंफाल में दो प्रमुख स्थल हैं, जिनमें से पहला कांगला किला है। यह किला इंफाल नदी के किनारे स्थित है और मणिपुरी भाषा भारत की 22 आधिकारिक भाषाओं में से एक है। कांगला किला यहां के राजवंश का ऐतिहासिक केंद्र था और आज भी यह मणिपुर के निवासियों के लिए गर्व का प्रतीक है। इसके मुख्य द्वार पर सिंह की आकृति की मूर्तियां हैं, जिन्हें देवताओं का देव माना जाता है.


सानामाही और पखंबा मंदिर

आप सानामाही और पखंबा मंदिर भी देख सकते हैं। सानामाही मंदिर मेतेई वास्तुकला का अद्भुत उदाहरण है, जिसमें सींगों की आकृति बनी है। इसे मेतेई लोग पवित्र मानते हैं। यहां महाराज नरसिंह की घोड़े पर सवार मूर्ति और राजा बोधचंद्र की समाधि भी है. राजाओं का महल और पोलो ग्राउंड भी इस किले में स्थित हैं.


लोकताक झील

अगले दिन आप लोकताक झील की यात्रा कर सकते हैं, जो पूरे उत्तर-पूर्व का सबसे बड़ा ताजे पानी का झील है। यहां तैरते भूखंड, जिन्हें स्थानीय भाषा में 'फुम्डी' कहा जाता है, एक विशेषता है. यह झील मोइरांग के पास स्थित है, जहां INA का संग्रहालय है, जिसमें नेताजी सुभाष चंद्र बोस और उनकी सेना से संबंधित वस्तुएं प्रदर्शित की जाती हैं.


यात्रा की तैयारी

इंफाल जाने के लिए आपको गुवाहाटी या दीमापुर से यात्रा करनी होगी, जहां से बसें उपलब्ध हैं। भारत के प्रमुख शहरों से फ्लाइट द्वारा भी पहुंचा जा सकता है. मणिपुर में यात्रा के लिए भारतीय नागरिकों को राज्य सरकार से इनर लाइफ परमिट लेना आवश्यक है, जो ऑनलाइन भी उपलब्ध है. इसके लिए पासपोर्ट या आधार कार्ड की कॉपी की आवश्यकता होती है और शुल्क 100 रुपए है.