इंफाल: मणिपुर की सांस्कृतिक धरोहर और प्राकृतिक सौंदर्य की यात्रा
इंफाल, मणिपुर का एक खूबसूरत शहर है, जो अपनी सांस्कृतिक धरोहर और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। यहां के इमा मार्केट, कांगला किला, और विभिन्न मंदिरों की यात्रा आपको एक अद्वितीय अनुभव प्रदान करेगी। जानें इस शहर की यात्रा के लिए आवश्यक जानकारी और प्रमुख स्थलों के बारे में।
Sep 9, 2026, 15:04 IST
इंफाल एयरपोर्ट का अनुभव
इंफाल एयरपोर्ट पर उतरते ही आपको खुला आसमान और ताजगी भरी हवा का अनुभव होगा। मणिपुर की हरी छतों वाला यह छोटा लेकिन आकर्षक हवाई अड्डा इतना सरल है कि आप विमान से उतरने के बाद सीधे पैदल भवन में प्रवेश कर सकते हैं। महानगरों की हलचल से दूर, इंफाल शहर अपनी प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विविधता के लिए प्रसिद्ध है। यहां युवा आधुनिक कपड़ों में नजर आते हैं, जबकि कई महिलाएं पारंपरिक परिधानों जैसे ब्लाउज, फनेक और महीन दुपट्टे में दिखती हैं। नाक से माथे तक चंदन का लंबा टीका उन महिलाओं की सुंदरता को और बढ़ा देता है।
इमा मार्केट
इमा मार्केट, जो महिलाओं की भागीदारी का प्रतीक है, शहर के केंद्र में स्थित है। 'इमा' का अर्थ है मां, और यह बाजार माताओं द्वारा संचालित होता है। यहां केवल महिलाओं द्वारा चलाए जाने वाले स्टॉल हैं, जहां पारंपरिक परिधानों जैसे ब्लाउज, फनेक, दुपट्टे, शॉल, चादर, गमछे और पूजा का सामान मिलता है।
कांगला किला की यात्रा
इंफाल में घूमने के लिए दो प्रमुख स्थान हैं: कांगला किला और लोकताल झील। कांगला किला, जो इंफाल नदी के किनारे स्थित है, मेतेई भाषा में 'जमीन का मुख्य भाग' कहलाता है। यह किला मणिपुर के राजवंश के शासकों की राजधानी हुआ करता था और आज भी यह स्थानीय निवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल है।
किले के मुख्य द्वार पर दो सिंह की आकृतियों की मूर्तियां हैं, जिन्हें देवताओं का देव कहा जाता है। यहां गोल्फ कार्ट की सुविधा उपलब्ध थी, लेकिन हमने पैदल घूमने का निर्णय लिया। कांगला किले के अंदर कई संग्रहालय हैं।
कांगला संग्रहालय
इस संग्रहालय में प्राचीन शासकों से संबंधित वस्तुएं और उनके इतिहास को देखा जा सकता है।
बोट म्यूजियम
यहां प्राचीन शासकों की नावें और उनसे संबंधित जानकारी उपलब्ध है।
पुरातत्व संग्रहालय
पुरातत्व संग्रहालय में जाकर हमें मणिपुर के इतिहास की गहराई से जानकारी मिलती है।
सानामाही और पखंबा मंदिर
सानामाही और पखंबा मंदिर बेहद सुंदर हैं। सानामाही मंदिर मेतेई वास्तुकला का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसमें सींगों की आकृति बनी हुई है, जिसे मेतेई लोग शुभ मानते हैं। यहां और भी दर्शनीय स्थल हैं, जैसे महाराजा नरसिंह की घोड़े पर सवार मूर्ति और राजा बोधचंद्र की समाधि। किले में राजाओं का महल और पोलो ग्राउंड भी है। महाराजा नरसिंह द्वारा श्री गोविंद जी मंदिर का निर्माण कराया गया है, जो इंफाल के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में से एक है।
यात्रा की महत्वपूर्ण जानकारी
इंफाल पहुंचने के लिए ट्रेन से दीमापुर या गुवाहाटी जाना होगा, जहां से आप बस लेकर इंफाल आ सकते हैं। इसके अलावा, देश के प्रमुख शहरों से फ्लाइट द्वारा भी सीधे यहां पहुंचा जा सकता है।
यहां जाने का सबसे अच्छा समय सितंबर से अप्रैल के बीच है, जब मौसम सुहावना होता है। मणिपुर राज्य में यात्रा के लिए भारतीय नागरिकों को इनर लाइन परमिट लेना आवश्यक है, जो अब ऑनलाइन भी उपलब्ध है। मणिपुर सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन किया जा सकता है। इसके अलावा, दिल्ली, कोलकाता और गुवाहाटी में मणिपुर भवन से भी इसे प्राप्त किया जा सकता है। यह सुविधा इंफाल एयरपोर्ट पर भी उपलब्ध है, जिसके लिए पासपोर्ट या आधार कार्ड की प्रति आवश्यक है। इसका शुल्क 100 रुपए है। विदेशी नागरिकों के लिए प्रोटेक्टेड एरिया परमिट की आवश्यकता होती है।