कैंसर का प्राचीन इतिहास: 17 लाख साल पहले के सबूत
कैंसर: एक प्राचीन बीमारी
कैंसर को अक्सर आधुनिक जीवनशैली और औद्योगिकीकरण से जोड़ा जाता है, लेकिन इसके अस्तित्व के प्रमाण इससे कहीं अधिक प्राचीन हैं। वैज्ञानिकों और पुरातत्वविदों ने ऐसे प्रमाण खोजे हैं जो दर्शाते हैं कि यह बीमारी हजारों, बल्कि लाखों वर्षों से मानवता के साथ है। प्राचीन मिस्र की ममियों से लेकर दक्षिण अफ्रीका में मिले 17 लाख साल पुराने जीवाश्मों तक, कैंसर के संकेत हर जगह पाए गए हैं। आइए जानते हैं कि कैंसर का पहला मामला कब और कहाँ देखा गया था।
दक्षिण अफ्रीका का 17 लाख साल पुराना जीवाश्म
दुनिया में कैंसर के सबसे प्राचीन प्रमाण दक्षिण अफ्रीका से प्राप्त हुए हैं। वैज्ञानिकों ने एक प्राचीन मानव की पैर की हड्डी में हड्डी के कैंसर (ओस्टियोसारकोमा) के संकेत खोजे हैं, जो लगभग 17 लाख साल पुराना है। यह खोज यह सिद्ध करती है कि कैंसर केवल आधुनिक समय की बीमारी नहीं है, बल्कि यह मानव विकास के आरंभ से ही मौजूद था।
प्राचीन मिस्र में पहली लिखित जानकारी
लिखित दस्तावेजों में सबसे पहला मामला प्राचीन मिस्र में मिलता है। 'एडविन स्मिथ पपीरस' नामक दस्तावेज, जो लगभग 2625 ईसा पूर्व का है, को दुनिया की सबसे पुरानी सर्जिकल पुस्तक माना जाता है। इसमें एक मरीज के सीने में ठंडे, गोलाकार ट्यूमर (ब्रेस्ट कैंसर) का उल्लेख है। दिलचस्प बात यह है कि इसमें इस बीमारी के इलाज के बारे में लिखा गया था - "कोई इलाज नहीं"।
कैंसर का नामकरण
'कैंसर' शब्द की उत्पत्ति प्राचीन यूनान में हुई। लगभग 400 ईसा पूर्व में 'मेडिसिन के पिता' हिप्पोक्रेट्स ने ट्यूमर को देखकर उसकी आकृति को केकड़े से मिलाया और इसे 'कार्सिनोस' (Karkinos) नाम दिया। बाद में रोमन चिकित्सक सेल्सस ने इसे लैटिन में 'कैंसर' (Cancer) में परिवर्तित किया। तब से यह नाम विश्वभर में प्रसिद्ध हो गया।
कैंसर के प्राचीन प्रमाण
केवल मिस्र या यूनान ही नहीं, बल्कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों में कैंसर के प्राचीन प्रमाण मिले हैं। सूडान में 1200 ईसा पूर्व के एक युवक के कंकाल में मेटास्टैटिक कैंसर (फैलने वाला कैंसर) पाया गया। चीन में 14वीं शताब्दी ईसा पूर्व के अभिलेखों में भी कैंसर का उल्लेख मिलता है। ये सभी खोजें यह दर्शाती हैं कि कैंसर केवल आज की नहीं, बल्कि मानवता की प्राचीन बीमारियों में से एक है।