क्या Delulu होना रिश्तों में है फायदेमंद? जानें इसके सकारात्मक और नकारात्मक पहलू
Delulu: Gen-Z के बीच एक नया ट्रेंड
नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर Gen-Z के बीच 'Delulu' शब्द तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इसका अर्थ है ऐसी चीजों पर विश्वास करना जिनका सच होना निश्चित नहीं है। इंस्टाग्राम और टिकटॉक पर 'Delulu is the Solulu' के मीम्स हर जगह देखने को मिल रहे हैं। लेकिन क्या यह रिलेशनशिप में थोड़ा Delulu होना फायदेमंद हो सकता है?
Delulu का जीवन में प्रवेश कैसे होता है
जब आपको कोई पसंद होता है और वह आपकी स्टोरी देख लेता है या आपके मैसेज का जवाब दे देता है, तो आपका मन तुरंत सपने देखने लगता है। आपको लगता है कि शायद उसके मन में भी आपके लिए वही भावनाएँ हैं। यहीं से Delulu की शुरुआत होती है। हम सामने वाले के छोटे-छोटे इशारों को सकारात्मक दृष्टिकोण से देखने लगते हैं और खुद को यकीन दिला लेते हैं कि सब कुछ हमारे पक्ष में होगा।
यह आत्मविश्वास से भी जुड़ा है। यदि आप मानते हैं कि आप प्यार और एक अच्छे रिश्ते के हकदार हैं, तो आप अपनी भावनाएँ व्यक्त करने में कम संकोच करते हैं। यह सोच आपको अस्वीकृति के डर से बाहर निकालती है। लेकिन यहाँ एक बारीक रेखा है जिसे समझना आवश्यक है। आत्मविश्वास और वास्तविकता को नजरअंदाज करना एक ही बात नहीं है।
लोग सकारात्मकता को वास्तविकता बना लेते हैं
इसी से मेनिफेस्टेशन का सिद्धांत भी जुड़ा हुआ है। आपने देखा होगा कि सोशल मीडिया पर लोग अक्सर कहते हैं कि आपको अपने मनचाहे रिश्ते के बारे में सकारात्मक सोचना चाहिए और उसे वास्तविकता मान लेना चाहिए। इससे आप केंद्रित और आशावादी बने रहते हैं। लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि केवल सोचने या मेनिफेस्ट करने से सामने वाले की भावनाएँ नहीं बदलतीं।
अंततः, रिश्ता दो लोगों की इच्छा और प्रयास से ही बनता है। आप सकारात्मक रह सकते हैं, खुद पर विश्वास कर सकते हैं, और अच्छे रिश्ते की कल्पना कर सकते हैं, लेकिन पार्टनर की पसंद और सीमाओं को आप नहीं बदल सकते।
Delulu में रियलिटी चेक की आवश्यकता
यदि Delulu का अर्थ खुद पर विश्वास रखना और संभावनाओं के लिए खुला रहना है, तो 'Delulu is the Solulu' पूरी तरह गलत नहीं है। लेकिन यदि यही Delulu आपको सामने वाले के स्पष्ट संकेतों को नजरअंदाज करने पर मजबूर कर दे, तो स्थिति बिगड़ सकती है। शायद रिश्ते का सही फॉर्मूला है - थोड़ा Delulu और थोड़ा रियलिटी चेक।