क्या आप जानते हैं? दुनिया की सबसे ऊंची गणेश प्रतिमा थाईलैंड में है!
गणेश की अद्भुत प्रतिमा
दुनिया की सबसे ऊंची गणेश प्रतिमा: भगवान गणेश की पूजा केवल भारत में ही नहीं, बल्कि उनकी भक्ति और मान्यता विश्व के कई हिस्सों में फैली हुई है। गणेश चतुर्थी के दौरान भारत में भव्य प्रतिमाएं देखने को मिलती हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि सबसे ऊंची स्थायी गणेश मूर्ति भारत में नहीं, बल्कि थाईलैंड में स्थित है?
खलोंग खुआन गणेश इंटरनेशनल पार्क
थाईलैंड के चाचोएंगसाओ प्रांत में खलोंग खुआन गणेश इंटरनेशनल पार्क में भगवान गणेश की 39 मीटर (लगभग 128 फीट) ऊंची मूर्ति स्थापित है। यह कांस्य की प्रतिमा 2012 में पूरी हुई थी और इसके निर्माण में लगभग चार साल लगे। 854 कांस्य टुकड़ों से बनी इस मूर्ति का वजन एक हजार टन से अधिक है, जो इसे विशेष बनाता है।
प्रतिमा का आकार और प्रतीकात्मकता
आकृति और प्रतीकवाद
यह मूर्ति अपने आकार के साथ-साथ अपने डिजाइन और संदेश के लिए भी महत्वपूर्ण है। गणेश जी के चार हाथों में विभिन्न फल और भेंट हैं: केला पोषण का, गन्ना आनंद का, कटहल समृद्धि का और आम ज्ञान का प्रतीक है। इस प्रकार, यह मूर्ति जीवन में संतुलन, सम्पन्नता और सकारात्मकता का संदेश देती है।
धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
करीब 40,000 वर्ग मीटर में फैला यह पार्क ध्यान और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए भी बनाया गया है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं का मानना है कि भगवान गणेश पूरे प्रांत की रक्षा करते हैं और भक्तों को सौभाग्य का आशीर्वाद देते हैं। यही कारण है कि यह स्थल स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए भी आस्था और आकर्षण का केंद्र बन गया है।
भारत से यात्रा का मार्ग
भारत से पहुंचने का रास्ता
भारत से यहां पहुंचना आसान है। बैंकॉक का सुवर्णभूमि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा सबसे नजदीकी एयरपोर्ट है, जहां दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता से सीधी उड़ानें उपलब्ध हैं। बैंकॉक से पार्क की दूरी लगभग 80 किलोमीटर है, जिसे टैक्सी, निजी गाड़ी या बस से 1.5 से 2 घंटे में तय किया जा सकता है। इसके अलावा, रेल के माध्यम से भी चाचोएंगसाओ पहुंचा जा सकता है, जहां से स्थानीय परिवहन पार्क तक ले जाता है।
आध्यात्मिकता का वैश्विक संदेश
आध्यात्मिकता का वैश्विक संदेश
यह विशाल प्रतिमा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि गणेश जी की पूजा भारत की सीमाओं से परे जाकर अन्य संस्कृतियों और देशों तक पहुंच चुकी है। थाईलैंड की यह कांस्य मूर्ति दिखाती है कि विघ्नहर्ता गणेश का प्रभाव वैश्विक स्तर पर कितना गहरा है।