क्या आपके साथी में है नार्सिसिस्टिक व्यवहार? जानें 3 संकेत
रिश्तों में मतभेद: एक सामान्य स्थिति
हर विवाह में कभी-कभी मतभेद और बहस होना स्वाभाविक है। छोटी-छोटी बातों पर नाराजगी भी हो सकती है, लेकिन एक स्वस्थ संबंध में दोनों पार्टनर एक-दूसरे की भावनाओं को समझने और समस्याओं का समाधान निकालने का प्रयास करते हैं। जब आपका साथी हर बार खुद को सही साबित करने में लगा रहता है, आपकी भावनाओं की अनदेखी करता है, और हर गलती का ठीकरा आपको थोपता है, तो यह नार्सिसिस्टिक व्यवहार का संकेत हो सकता है। इस तरह का व्यवहार धीरे-धीरे रिश्ते की मजबूती और मानसिक शांति को प्रभावित कर सकता है। आइए जानते हैं ऐसे 3 संकेत, जिनसे आप अपने साथी के व्यवहार को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं।
नार्सिसिस्टिक पर्सनालिटी डिसऑर्डर की पहचान
डॉ. मयंक अग्रवाल ने एक वीडियो में नार्सिसिस्टिक पर्सनालिटी डिसऑर्डर (NPD) के बारे में जानकारी साझा की है। इस समस्या से ग्रसित व्यक्ति खुद को दूसरों से अधिक महत्वपूर्ण और समझदार मानता है। उन्हें अक्सर दूसरों से प्रशंसा की आवश्यकता होती है और वे चाहते हैं कि लोग उनकी बातों को महत्व दें।
ऐसे लोग दूसरों से अपेक्षाएं रखते हैं। यदि कोई उनकी आलोचना करता है या उनकी बात से असहमत होता है, तो वे नाराज हो सकते हैं। कई बार, वे अपनी सफलताओं को लेकर बड़ी-बड़ी कल्पनाएं करते हैं, लेकिन उन्हें पूरा करने के लिए आवश्यक प्रयास नहीं करते। ऐसे लोग दूसरों की भावनाओं को समझने में भी कठिनाई महसूस कर सकते हैं।
1. हर बहस में खुद को सही साबित करना
रिश्ते में बहस होना सामान्य है, लेकिन हर बार जीतने की कोशिश करना समस्या का कारण बन सकता है। यदि आपका साथी किसी भी मुद्दे पर अपनी गलती मानने के बजाय आपको गलत साबित करने की कोशिश करता है, तो यह चिंता का विषय है।
उदाहरण के लिए, जब आप किसी समस्या पर चर्चा करते हैं, तो आपका साथी बात को बदलकर पुरानी गलतियों को गिनाने लगता है। ऐसे में कई लोग घर का माहौल खराब होने से बचाने के लिए चुप रहना बेहतर समझते हैं, लेकिन यह समस्या का समाधान नहीं है। रिश्ते में दोनों की बात सुनी जानी चाहिए।
2. आपकी भावनाओं की अनदेखी करना
शादी में भावनात्मक सहयोग आवश्यक है। यदि आपका साथी आपकी भावनाओं को समझने का प्रयास नहीं करता, तो यह चिंता का विषय हो सकता है। मान लीजिए, आपका दिन खराब गया है और आप अपनी परेशानी साझा करना चाहते हैं, लेकिन आपका साथी अपनी समस्याएं बताने लगता है।
यदि ऐसा लगातार होता है, तो आपको लग सकता है कि आपकी भावनाएं इस रिश्ते में महत्व नहीं रखतीं। एक स्वस्थ रिश्ते में दोनों पार्टनर को एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।
3. हर गलती का दोष आपके सिर डालना
क्या कभी ऐसा हुआ है कि आप अपने साथी से शिकायत करते हैं, लेकिन अंत में आपको ही माफी मांगनी पड़ती है? यदि ऐसा बार-बार हो रहा है, तो यह पार्टनर के व्यवहार पर ध्यान देने का समय है। नार्सिसिस्टिक प्रवृत्ति वाले लोग अपनी गलती स्वीकार करने से बच सकते हैं।
वे अपनी जिम्मेदारी लेने के बजाय दूसरों को दोषी ठहराते हैं। इससे आप अपनी बात पर शक करने लगते हैं और हर समस्या के लिए खुद को जिम्मेदार मानने लगते हैं। रिश्ते में गलती स्वीकार करना और सुधारने की कोशिश करना दोनों पार्टनर की जिम्मेदारी होती है।
रिश्ते में ऐसे व्यवहार को नजरअंदाज न करें
इन तीन संकेतों में से कोई एक भी व्यवहार दिखने का मतलब यह नहीं है कि आपके साथी को नार्सिसिस्टिक पर्सनालिटी डिसऑर्डर है। इस मानसिक स्वास्थ्य समस्या की पुष्टि केवल एक योग्य विशेषज्ञ ही कर सकता है।
हालांकि, यदि आपके रिश्ते में लगातार आपकी भावनाओं को दबाया जा रहा है या आपको हर बात के लिए दोषी ठहराया जा रहा है, तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज न करें। जरूरत पड़ने पर किसी मैरिज काउंसलर या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ की मदद लेना बेहतर हो सकता है।