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गर्मी में सत्तू: जौ या चना, कौन है बेहतर विकल्प?

गर्मी में सत्तू एक बेहतरीन पेय है, जो आपको ठंडक और ऊर्जा प्रदान करता है। जौ और चने के सत्तू के बीच चयन करना आपके स्वास्थ्य और गतिविधियों पर निर्भर करता है। जानें कि कौन सा सत्तू आपके लिए बेहतर है और गर्मी में ताजगी का अनुभव करें।
 

गर्मी में सत्तू का महत्व

चंडीगढ़, 22 मई। Jau ka Sattu VS Chana Sattu: जैसे ही जेठ और बैसाख का महीना आता है, सूरज की गर्मी बढ़ने लगती है। इस चिलचिलाती धूप में एसी और कूलर भी काम नहीं करते। ऐसे में जब गर्मी से परेशान होते हैं, तो महंगे जूस और कोल्ड ड्रिंक्स काम नहीं आते। इस समय हमें हरियाणा की मिट्टी से एक पुरानी और प्रभावी दवा याद आती है, जिसे हम 'सत्तू' कहते हैं। बिहार और यूपी से शुरू हुआ यह देसी पेय अब हरियाणा, पंजाब और दिल्ली-NCR के गांवों और शहरों में लोकप्रिय हो चुका है। इस बार, सत्तू पीने वाले दो समूहों में बंट गए हैं: एक जौ के सत्तू को पसंद करता है, जबकि दूसरा चने के सत्तू को। आइए, आज हम यह जानने की कोशिश करते हैं कि आपके लिए कौन सा सत्तू बेहतर रहेगा।


सत्तू: गर्मी में असली 'बाहुबली'

सत्तू कोई साधारण चीज नहीं है, यह भुने हुए अनाज को पीसकर बनाया गया एक अमृत है। इसे ठंडे पानी में नींबू, काला नमक, भुना जीरा या गुड़ मिलाकर पीने से शरीर में ठंडक मिलती है। सत्तू की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह पेट में 'कूलिंग एजेंट' का काम करता है और शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाता है। इसमें फाइबर, प्रोटीन और मिनरल्स होते हैं, जो गर्मी में भी आपको कमजोरी और थकान से दूर रखते हैं।


जौ का सत्तू: गर्मी का प्रभावी इलाज

जौ का सत्तू आयुर्वेद में गर्मी का सबसे बड़ा इलाज माना जाता है। इसकी तासीर ठंडी होती है, जो गर्मी से बचाने में मदद करती है।


वजन घटाने में सहायक: जौ के सत्तू में फाइबर भरपूर होता है। एक गिलास पीने से पेट भरा-भरा रहता है, जिससे भूख कम लगती है और वजन नियंत्रित रहता है।


पाचन में सहायक: जो लोग कब्ज, गैस और खट्टी डकारों से परेशान हैं, उनके लिए यह सत्तू वरदान है। यह पाचन में हल्का होता है और ब्लड शुगर को भी नियंत्रित रखता है।


चने का सत्तू: ताकत का स्रोत

दूसरी ओर, भुने हुए चने का सत्तू ताकत और पोषण का बेहतरीन स्रोत है। चने में मौजूद प्रोटीन महंगे प्रोटीन सप्लीमेंट्स से भी बेहतर होता है।


मांसपेशियों के लिए उत्तम: जो लोग जिम जाते हैं या खेलकूद करते हैं, उनके लिए चने का सत्तू एक बेहतरीन प्रोटीन शेक है। यह मांसपेशियों को मजबूत बनाता है।


ऊर्जा का स्रोत: यह धीरे-धीरे पचता है, जिससे पूरे दिन ऊर्जा मिलती है। सुबह एक गिलास पीकर निकलें, तो दोपहर तक भूख नहीं लगती।


आपके लिए कौन सा सत्तू सही है?

अब सवाल यह है कि आपको कौन सा सत्तू चुनना चाहिए। यह आपकी बॉडी और काम पर निर्भर करता है। यदि आपका काम ऑफिस में बैठने का है और आपको ठंडक चाहिए, तो जौ का सत्तू आपके लिए सबसे अच्छा विकल्प है।


लेकिन अगर आपका काम भागदौड़ का है, जिम में मेहनत करना है या शरीर में कमजोरी महसूस होती है, तो चने का सत्तू आपके लिए बेहतर टॉनिक साबित होगा। इन महंगे ड्रिंक्स पर पैसे खर्च करने के बजाय, अपनी देसी रसोई का सत्तू अपनाएं और इस गर्मी में ठंडक का अनुभव करें।