×

गले के कैंसर का नया खतरा: HPV और इसके प्रभाव

गले के कैंसर का खतरा अब HPV के कारण बढ़ रहा है, जो धूम्रपान से भी अधिक प्रभावी साबित हो रहा है। जानें इसके लक्षण, भारत में स्थिति और HPV टीकाकरण के महत्व के बारे में। यह जानकारी आपके स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।
 

गले के कैंसर और HPV का बढ़ता खतरा


गले के कैंसर को लेकर दशकों से धूम्रपान और तंबाकू का नाम लिया जाता रहा है, लेकिन अब एक नया खतरा उभर रहा है - ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV)। अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों में, ओरल सेक्स के माध्यम से फैलने वाला यह वायरस गले के कैंसर का प्रमुख कारण बन चुका है, यहां तक कि यह तंबाकू को भी पीछे छोड़ चुका है।


HPV क्या है और यह कैसे फैलता है?

HPV विश्व में सबसे सामान्य वायरल संक्रमणों में से एक है। यह मुख्य रूप से शारीरिक संपर्क, विशेषकर ओरल सेक्स के जरिए फैलता है। अधिकांश मामलों में, यह संक्रमण अपने आप ठीक हो जाता है, लेकिन HPV-16 और HPV-18 जैसे उच्च जोखिम वाले स्ट्रेन शरीर में कई वर्षों तक रह सकते हैं और कैंसर का कारण बन सकते हैं।


फोर्टिस हॉस्पिटल, गुरुग्राम के सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. बी. निरंजन नाइक के अनुसार, "यदि यह वायरस लंबे समय तक शरीर में बना रहे, तो यह कोशिकाओं के सामान्य कार्य में बाधा डालता है और धीरे-धीरे कैंसर में परिवर्तित हो सकता है। यह प्रक्रिया 10 से 30 वर्षों में पूरी होती है।"


भारत में HPV की स्थिति

भारत में सिर और गर्दन के कैंसर का बोझ सबसे अधिक है। देश में सभी कैंसर मामलों में से एक-तिहाई सिर और गर्दन के कैंसर होते हैं। हालांकि, यहां गले के कैंसर का मुख्य कारण अभी भी तंबाकू, गुटखा और खैनी है। डॉक्टरों का कहना है कि भारत में HPV से संबंधित मामले पश्चिमी देशों की तुलना में कम हैं, लेकिन इनमें लगातार वृद्धि हो रही है।


चिंताजनक बात यह है कि अब ऐसे मरीज सामने आ रहे हैं, विशेषकर 40-50 वर्ष के पुरुष, जिन्होंने कभी तंबाकू का सेवन नहीं किया, फिर भी उन्हें गले का कैंसर हो रहा है। डॉक्टरों को संदेह है कि इसके पीछे HPV हो सकता है।


गले के कैंसर के प्रारंभिक लक्षण

डॉक्टरों के अनुसार, यदि कैंसर का जल्दी पता लगाया जाए तो इसका इलाज संभव है। इन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए:


- लगातार आवाज का भारी होना
- दो हफ्ते से अधिक समय तक गले में खराश
- निगलने में कठिनाई
- कान में दर्द
- गर्दन या गले में गांठ
- बिना कारण वजन कम होना


अमृता हॉस्पिटल, फरीदाबाद के डॉ. सुब्रमण्यम अय्यर कहते हैं, "सिर और गर्दन के 90% कैंसर जीवनशैली से संबंधित हैं। जल्दी पहचानने पर इलाज संभव है, इसलिए लक्षणों को पहचानना बहुत महत्वपूर्ण है।"


क्या HPV वैक्सीन प्रभावी है?

सरकार ने हाल ही में 14 साल की लड़कियों के लिए HPV टीकाकरण अभियान शुरू किया है, जो मुख्य रूप से सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए है, लेकिन यह टीका HPV से संबंधित अन्य कैंसर, जैसे गले के कैंसर, से भी सुरक्षा प्रदान कर सकता है। विशेषज्ञ अब लड़कों के टीकाकरण की भी सिफारिश कर रहे हैं, क्योंकि HPV यौन संपर्क से फैलता है और यह दोनों लिंगों को प्रभावित करता है। जागरूकता ही बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।