घर में हरियाली और खुशबू लाने वाले बेहतरीन फूलदार पौधे
फूलदार पौधों से सजाएं अपना घर
यदि आप अपने घर में हरियाली के साथ-साथ फूलों की प्राकृतिक सुगंध का आनंद लेना चाहते हैं, तो कुछ विशेष फूलदार पौधे आपके बगीचे, बालकनी या छत की सुंदरता को बढ़ा सकते हैं। इनमें से कई पौधे बड़े बगीचे की आवश्यकता नहीं रखते और इन्हें गमलों में भी आसानी से उगाया जा सकता है। हरसिंगार, जूही, चंपा, मोगरा, मधुमालती और रात की रानी जैसे पौधे न केवल फूलों के साथ, बल्कि मनमोहक खुशबू भी फैलाते हैं। विशेषज्ञों का सुझाव है कि सीमित स्थान के लिए बौनी या हाइब्रिड किस्मों का चयन करना बेहतर होता है, क्योंकि इनका आकार नियंत्रित रहता है।
हरसिंगार से सोन चंपा तक के पौधे
खुशबूदार पौधों की बात करें तो आपके गार्डन या गमलों के लिए कई विकल्प उपलब्ध हैं। आप अपनी पसंद और स्थान के अनुसार इनमें से पौधे चुन सकते हैं।
- हरसिंगार
- जूही
- चंपा
- दिन का राजा
- मोगरा
- मधुमालती
- मधुकामिनी
- रात की रानी
- गंधराज
- सोन चंपा
इनमें से कई पौधे गमलों में भी अच्छी तरह से विकसित हो सकते हैं। यदि आपके पास बालकनी या छत पर सीमित स्थान है, तो पौधे की बौनी या कम फैलने वाली किस्म चुनना बेहतर रहेगा।
गर्मियों में पौधों की देखभाल
गर्मियों में पौधों के लिए सही स्थान का चुनाव करना बहुत महत्वपूर्ण है। लगातार तेज धूप में रखने से कुछ पौधों की पत्तियां झुलस सकती हैं।
इसलिए, पौधों को सुबह या शाम की धूप मिलना बेहतर होता है। दोपहर की तेज धूप से बचाने के लिए बालकनी या छत पर ग्रीन नेट, शेड या अन्य छायादार व्यवस्था का उपयोग किया जा सकता है।
हालांकि, हर पौधे की रोशनी की आवश्यकता अलग होती है, इसलिए पौधे की किस्म के अनुसार धूप का ध्यान रखना चाहिए।
पानी देने में सावधानी बरतें
फूलदार पौधों की अच्छी वृद्धि के लिए पानी देना आवश्यक है, लेकिन अधिक पानी देना भी हानिकारक हो सकता है। गमले की मिट्टी को देखकर ही पानी दें और जब ऊपरी परत सूखी लगे, तभी पानी देना बेहतर होता है।
यदि मिट्टी लंबे समय तक गीली रहती है, तो जड़ों में सड़न की समस्या हो सकती है। कई बार इसके कारण पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं या गिर सकती हैं।
पौधों की अच्छी वृद्धि और फूलों के लिए समय-समय पर उपयुक्त खाद देना भी आवश्यक है।
रात की रानी की विशेष खुशबू
खुशबूदार पौधों में रात की रानी की एक अलग पहचान है। इसके नाम से ही स्पष्ट है कि इसके फूलों की खुशबू रात के समय अधिक महसूस होती है। इसे बालकनी या खिड़की के पास लगाने से शाम के बाद का वातावरण सुगंधित हो सकता है।
वहीं गंधराज भी एक सुगंधित फूलों वाला पौधा है, लेकिन इसकी देखभाल थोड़ी अधिक करनी पड़ती है। पौधे की जरूरत के अनुसार पोषण और खाद का ध्यान रखना आवश्यक होता है।
नए पौधे की जड़ों का ध्यान रखें
नर्सरी से नया पौधा लाते समय उसकी जड़ों को अधिक छेड़ने या तोड़ने से बचें। पौधे को पुराने कंटेनर से सावधानी से निकालकर नए गमले में लगाएं।
पौधा लगाने के बाद जरूरत के अनुसार पानी दें और शुरुआती दिनों में उसे सही मात्रा में रोशनी मिले, इसका ध्यान रखें। गमले में पानी जमा न होने दें और ड्रेनेज होल जरूर रखें।
फूलों के लिए छोटी-छोटी बातें
यदि आप चाहते हैं कि बालकनी या छत पर लगाए गए पौधे लंबे समय तक हरे-भरे रहें और उनमें अच्छे फूल आएं, तो सही धूप, संतुलित पानी, अच्छी मिट्टी और समय-समय पर खाद का ध्यान रखें।
कम जगह में भी सही पौधे और सही देखभाल के साथ घर को खूबसूरत और प्राकृतिक खुशबू से भरा बनाया जा सकता है।