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चोपता: उत्तराखंड का नेचर लवर्स का स्वर्ग

चोपता, जिसे 'मिनी स्विट्जरलैंड' कहा जाता है, उत्तराखंड का एक अद्भुत स्थल है। यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता, एडवेंचर गतिविधियाँ और अद्वितीय दृश्य इसे प्रकृति प्रेमियों के लिए एक स्वर्ग बनाते हैं। चोपता की यात्रा के दौरान आप तुंगनाथ ट्रेक, कैंपिंग और हिमालय की खूबसूरत चोटियों का आनंद ले सकते हैं। जानें यहाँ जाने का सही समय और अन्य खासियतें।
 

चोपता की अद्भुत सुंदरता

भारत में यात्रा के लिए कई आकर्षक स्थल हैं। कुछ लोग पहाड़ी क्षेत्रों को पसंद करते हैं, जबकि अन्य समुद्र तटों पर आराम करना पसंद करते हैं। चाहे सर्दी हो या गर्मी, पहाड़ों पर हमेशा भीड़ रहती है। उत्तराखंड एक ऐसा राज्य है, जहाँ घूमने के लिए कई अद्भुत स्थान हैं। चोपता, जिसे 'मिनी स्विट्जरलैंड' के नाम से भी जाना जाता है, प्रकृति प्रेमियों के लिए एक स्वर्ग है। यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता देखने लायक है।


चोपता का स्थान

चोपता उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित है, जो केदारनाथ से लगभग 80 किलोमीटर दूर है। औली से इसकी दूरी लगभग 148 किलोमीटर है। यहाँ पहुँचने का रास्ता बेहद खूबसूरत है, जो यात्रियों को मंत्रमुग्ध कर देता है।


एडवेंचर प्रेमियों के लिए आदर्श

चोपता, केदारनाथ वाइल्डलाइफ सेंचुरी का हिस्सा है, जहाँ आप दोस्तों के साथ कैंपिंग का आनंद ले सकते हैं। इसके लिए आपको वन विभाग से अनुमति प्राप्त करनी होगी। यह स्थान तुंगनाथ ट्रेक की शुरुआत भी है, जो दुनिया के सबसे ऊँचे शिव मंदिर के रूप में जाना जाता है। यहाँ से चंद्रशिला ट्रेक भी शुरू होता है, जो लगभग 4000 मीटर की ऊँचाई पर है। यहाँ से सूर्योदय और सूर्यास्त का दृश्य अद्भुत होता है।


प्राकृतिक सौंदर्य

चोपता की पहचान यहाँ के हरे-भरे घास के मैदान हैं, जिन्हें बुग्याल कहा जाता है। यहाँ चरवाहे अपने भेड़ों के साथ नजर आते हैं। हरियाली, खुला आसमान और शांति यहाँ आपको स्वर्ग का अनुभव कराते हैं।


दृश्यावलोकन

चोपता से हिमालय की कई खूबसूरत चोटियाँ स्पष्ट रूप से दिखाई देती हैं। यहाँ से आप नंदा देवी, नीलकंठ, त्रिशूल, गणेश पर्वत और अन्य चोटियों का दर्शन कर सकते हैं। सुबह की धूप में इन चोटियों की सुंदरता और भी बढ़ जाती है।


वाइल्डलाइफ और पक्षी प्रेमियों के लिए स्वर्ग

यदि आप वन्यजीवों के प्रेमी हैं, तो चोपता आपके लिए एक आदर्श स्थान है। यहाँ तेंदुए देखने को मिलते हैं और गाँव के कुत्तों के गले में सुरक्षा के लिए विशेष कॉलर होते हैं। पक्षी प्रेमियों के लिए भी चोपता एक बेहतरीन स्थान है, जहाँ आपको 240 से अधिक पक्षियों की प्रजातियाँ देखने को मिलेंगी।


चोपता जाने का सही समय

चोपता की यात्रा के लिए अप्रैल से जून और सितंबर से नवंबर का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है। मानसून के दौरान यहाँ भूस्खलन का खतरा होता है।