छोटी-छोटी आदतें बदलें, दिल की सेहत सुधारें
दिल्ली में स्वास्थ्य पर शोध
नई दिल्ली: आजकल की तेज़ रफ्तार जिंदगी में लोग अक्सर अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन हाल ही में एक महत्वपूर्ण अध्ययन ने यह दर्शाया है कि स्वस्थ रहने के लिए आपको अपनी जीवनशैली को एकदम से बदलने की आवश्यकता नहीं है। यूरोपीय जर्नल ऑफ प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी में प्रकाशित इस शोध के अनुसार, रोज़ थोड़ा अधिक सोना, थोड़ी शारीरिक गतिविधि करना और आहार में कुछ अतिरिक्त सब्जियां शामिल करना दिल के दौरे और स्ट्रोक के खतरे को काफी कम कर सकता है।
शोध का आधार
यह अध्ययन यूके बायोबैंक के 53,000 से अधिक वयस्कों पर आठ वर्षों तक किया गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि तीन आदतों में मामूली सुधार भी महत्वपूर्ण लाभ दे सकता है। अध्ययन के अनुसार, यदि आप हर रात केवल 11 मिनट अधिक सोते हैं, दिन में 4.5 मिनट की मध्यम-तेज़ शारीरिक गतिविधि करते हैं और अपने आहार में एक चौथाई कप अतिरिक्त सब्जियां शामिल करते हैं, तो दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा 10 प्रतिशत तक कम हो सकता है।
खतरे में कमी
57% तक कम हो सकता है खतरा
यूरोपीय सोसाइटी ऑफ कार्डियोलॉजी के अनुसार, जो लोग बड़े बदलाव करने में सक्षम हैं, उनके लिए फायदे और भी बेहतर रहे। अध्ययन में पाया गया कि 'इष्टतम संयोजन', जिसमें प्रति रात 8 से 9 घंटे की नींद, प्रतिदिन 42 मिनट से अधिक व्यायाम और संतुलित आहार शामिल है, उन लोगों की तुलना में गंभीर हृदय रोगों के जोखिम को 57 प्रतिशत तक कम कर देता है जिनकी जीवनशैली सबसे खराब थी।
उपकरणों का उपयोग
स्मार्टवॉच और डेटा का कमाल
शोधकर्ताओं ने इस अध्ययन के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का सहारा लिया। प्रतिभागियों की नींद और व्यायाम के स्तर का विश्लेषण करने के लिए स्मार्टवॉच जैसे पहनने योग्य उपकरणों के डेटा का उपयोग किया गया, जबकि खान-पान की आदतों की जानकारी स्वयं प्रतिभागियों द्वारा दी गई। आठ साल की इस अवधि में, शोधकर्ताओं ने कुल 2,034 प्रमुख हृदय रोगों के मामले दर्ज किए।
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों की राय: छोटे कदम हैं टिकाऊ
सिडनी विश्वविद्यालय के शोधकर्ता और इस अध्ययन के मुख्य लेखक डॉ. निकोलस कोमेल ने बताया कि दैनिक जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में छोटे-छोटे बदलावों का हृदय स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि जीवनशैली में इस तरह के क्रमिक सुधार करना अधिकांश लोगों के लिए किसी एक बड़े बदलाव की तुलना में अधिक संभव और टिकाऊ है।
ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन की एमिली मैकग्राथ ने भी इस बात का समर्थन किया कि लोगों को अपनी जिंदगी रातों-रात पलटने की जरूरत नहीं है; नींद, गति और आहार में छोटे बदलाव दिल की सेहत में वास्तविक सुधार ला सकते हैं।