दिवाली पर मेहमानों के लिए बनाएं साउथ इंडिया की खास मिठाइयां
दिवाली का त्योहार और मिठाइयों का महत्व
दिवाली का पर्व नजदीक है, और इस अवसर पर घरों में मेहमानों का आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में, उन्हें मीठा न परोसना तो असंभव है। आमतौर पर लोग काजू कतली, बेसन के लड्डू या गुलाब जामुन लाते हैं, लेकिन इस बार आप कुछ नया ट्राई कर सकते हैं। साउथ इंडिया की प्रसिद्ध मिठाइयां बनाकर मेहमानों को सरप्राइज करें।
GI टैग प्राप्त मिठाइयां
कुछ मिठाइयों को GI टैग प्राप्त है, जो उनकी विशेषता को दर्शाता है। तिरुपति लड्डू, धारवाड़ पेड़ा और श्रीविल्लिपुथुर पालकोवा ऐसी मिठाइयां हैं। इनका स्वाद साधारण सामग्री जैसे दूध, चीनी और घी से आता है। आइए जानते हैं इन्हें कैसे बनाना है।
तिरुपति लड्डू
आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर में प्रसाद के रूप में मिलने वाले लड्डू की खास पहचान है। इसकी परंपरा 1715 से चली आ रही है और इसे 2009 में GI टैग मिला। इसे बनाने के लिए निम्नलिखित सामग्री की आवश्यकता है:
1 कप बेसन
आधा कप चीनी
आधा कप पानी
3-4 चम्मच घी
थोड़े काजू और किशमिश
आधा चम्मच इलायची पाउडर
पहले बेसन में थोड़ा पानी मिलाकर गाढ़ा घोल तैयार करें। फिर कड़ाही में घी गर्म करें और बेसन का घोल बूंदी की तरह तलें। दूसरी ओर, चीनी और पानी को गर्म करें और उसमें तली हुई बूंदी, इलायची, काजू और किशमिश मिलाएं। ठंडा होने पर गोल लड्डू बना लें।
धारवाड़ पेड़ा
कर्नाटक के धारवाड़ शहर का यह पेड़ा अपने गहरे भूरे रंग और खास स्वाद के लिए प्रसिद्ध है। इसे दूध और चीनी से बनाया जाता है और 2008 में इसे GI टैग मिला। इसकी रेसिपी इस प्रकार है:
1 लीटर फुल क्रीम दूध
4-5 चम्मच चीनी
1 चम्मच घी
थोड़ी इलायची पाउडर
एक भारी तले वाली कड़ाही में दूध डालकर धीमी आंच पर पकाएं। दूध को लगातार चलाते रहें। जब दूध गाढ़ा हो जाए, तब उसमें चीनी डालें और तब तक पकाएं जब तक मिश्रण का रंग हल्का ब्राउन न हो जाए। अंत में इलायची पाउडर डालकर ठंडा होने पर छोटे-छोटे पेड़े बना लें।
श्रीविल्लिपुथुर पालकोवा
तमिलनाडु में श्रीविल्लिपुथुर पालकोवा मिठाई बहुत लोकप्रिय है। इसे दूध से बनाया जाता है और इसे पकाने में समय लगता है। 2019 में इसे GI टैग मिला। इसे बनाने के लिए सामग्री है:
1 लीटर फुल क्रीम दूध
4-5 चम्मच चीनी
एक चौड़ी कड़ाही में दूध डालकर धीमी आंच पर गर्म करें। दूध को बीच-बीच में चलाते रहें और किनारों पर जमने वाली मलाई को वापस मिलाएं। जब दूध गाढ़ा हो जाए, तब उसमें चीनी डालें और लगातार चलाते रहें। जब मिश्रण हलवे की तरह दिखने लगे, तो गैस बंद कर दें और ठंडा होने पर सर्व करें।