पोहा: एक स्वस्थ नाश्ता या नहीं? जानें इसके फायदे और नुकसान
पोहा का महत्व
सुबह के नाश्ते में पोहा एक लोकप्रिय विकल्प है। यह हल्का और आसानी से पचने वाला होता है, जिससे पेट भरा हुआ महसूस होता है। पोहा जलेबी एक प्रसिद्ध डिश है, जिसे लोग बहुत पसंद करते हैं। कुछ लोग इसे चाय के साथ खाना पसंद करते हैं। यह एक ऐसा नाश्ता है जिसे बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक सभी पसंद करते हैं। हालांकि, कुछ डाइटिशियन इसे स्वास्थ्यवर्धक मानते हैं, जबकि अन्य इसे अनहेल्दी बताते हैं।
पोहा में पोषक तत्व
पोहा चावल से बना होता है, जिसमें कार्बोहाइड्रेट होते हैं। चूंकि यह धान का हिस्सा है, इसमें कॉम्प्लेक्स कार्ब्स होते हैं, जिससे रक्त में शुगर का स्तर अचानक नहीं बढ़ता। यदि लोग पोहे में अधिक भुजिया डालते हैं, तो यह अनहेल्दी हो सकता है। पोहे का वर्जन बदलने से इसे हेल्दी बनाया जा सकता है। - डॉक्टर अंजलि फाटक
पोहा कार्बोहाइड्रेट का अच्छा स्रोत है, लेकिन इसमें प्रोटीन की मात्रा कम होती है और फैट न के बराबर होता है। फाइबर की मात्रा बढ़ाने के लिए आप इसमें मूंगफली, अंकुरित दालें और हरी सब्जियां मिला सकते हैं। इसके अलावा, इसमें विटामिन बी और मैग्नीशियम की कमी हो सकती है।
पोहा खाने से ऊर्जा मिलती है। प्रोटीन की मात्रा बढ़ाने के लिए आप इसमें पनीर और हरी सब्जियों की अधिकता कर सकते हैं।
किसे खाना चाहिए पोहा?
पोहा सभी उम्र के लोगों के लिए फायदेमंद है, लेकिन इसे अधिक मात्रा में नहीं खाना चाहिए। जिन लोगों को शुगर की समस्या है, उन्हें इसे सीमित मात्रा में खाना चाहिए। हालांकि, जिनका शुगर पहले से बढ़ा हुआ है, उन्हें इसे और बढ़ाने से बचना चाहिए। डायबिटीज के मरीजों को पोहे में अधिक सब्जियां मिलाकर खाना चाहिए।
आप पोहे को बटर मिल्क या सूप के साथ खा सकते हैं, जिससे फाइबर की मात्रा बढ़ती है।
पोहा के प्रकार
आप पोहे को पनीर, सोया, या मिलेट्स के साथ बना सकते हैं। पोहा ज्वार, रागी और बाजरे से भी बनता है। इसके अलावा, लाल चावल और ब्राउन चावल का पोहा भी हेल्दी विकल्प है।
सफेद चावल के पोहे की तुलना में रेड राइस, ब्राउन राइस या मिलेट्स वाला पोहा अधिक अच्छा होता है। स्प्राउट्स पोहा भी एक अच्छा विकल्प है, जिसमें पोहे की मात्रा कम और स्प्राउट्स की अधिकता होनी चाहिए।
पोहा बनाने की विधि
- पहले पोहे को अच्छे से धोकर 10-15 मिनट के लिए अलग रख दें ताकि वह नरम हो जाए।
- एक कढ़ाई में 1-2 चम्मच तेल गरम करें, उसमें राई और कड़ी पत्ता डालें। फिर मूंगफली डालकर हल्का भूनें। इसके बाद प्याज और हरी सब्जियां डालकर नमक और हल्दी डालकर पकाएं।
- अब पोहे को कढ़ाई में डालकर अच्छे से मिलाएं। अंत में नींबू का रस और धनिया डालकर मिलाएं।
पोहा के फायदे
पोहा में कार्बोहाइड्रेट की अच्छी मात्रा होती है, जिससे आपको दिनभर ऊर्जा मिलती है। यदि आप पोहे में हरी सब्जियां और पनीर डालते हैं, तो आपका वजन नियंत्रित रहेगा और शुगर भी नहीं बढ़ेगा।
यह पाचन तंत्र के लिए भी अच्छा होता है, क्योंकि यह हल्का होता है और आसानी से पच जाता है।
किसे नहीं खाना चाहिए पोहा?
जिन लोगों को इंसुलिन रेजिस्टेंस, डायबिटीज या पीसीओएस है, उन्हें पोहा नहीं खाना चाहिए। मोटापे की समस्या वाले लोगों को भी इससे बचना चाहिए। यदि वे पोहा खा रहे हैं, तो उसमें पनीर, तोफू और हरी सब्जियां मिलाकर खाएं।
पोहा के अधिक सेवन के नुकसान
ब्लड शुगर बढ़ना: पोहा का ग्लाइसेमिक इंडेक्स उच्च होता है, इसलिए डायबिटीज के मरीजों को इसे नहीं खाना चाहिए।
वजन बढ़ना: पोहा में कार्बोहाइड्रेट की अधिकता होती है, जिससे कैलोरी की मात्रा बढ़ जाती है।
एसिडिटी और पेट फूलना: जिन लोगों को पाचन संबंधी समस्याएं हैं, उन्हें अधिक पोहा खाने से गैस और एसिडिटी की समस्या हो सकती है।
क्या रोजाना पोहा खाना चाहिए?
रोजाना पोहा खाना उचित नहीं है, क्योंकि इसमें पोषक तत्वों की कमी होती है। इसके स्थान पर आप मूंग दाल का चीला, बेसन का चीला, मिलेट्स का चीला, ओट्स, उपमा या पनीर की भुर्जी का सेवन कर सकते हैं।
क्या एकदम से पोहा खाना बंद कर देना चाहिए?
पोहा को एकदम से बंद करने की आवश्यकता नहीं है। आप इसे हेल्दी विकल्पों के साथ नियंत्रित मात्रा में खा सकते हैं। पोहे के साथ बटर मिल्क, कैरी का पन्ना या नींबू पानी का सेवन करें। ये सभी अच्छे और हेल्दी फूड कॉम्बिनेशन हैं।