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ब्रह्म मुहूर्त: रामायण फिल्म के ट्रेलर की रिलीज और इसके महत्व

ब्रह्म मुहूर्त, जिसे सृष्टिकर्ता का समय माना जाता है, का महत्व नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' के ट्रेलर की रिलीज के साथ जुड़ा है। इस समय का उपयोग आत्म-चिंतन, ध्यान और ज्ञान के अध्ययन के लिए किया जाता है। जानें कि इस समय क्या करना चाहिए और क्या नहीं, और इसके वैज्ञानिक लाभों के बारे में भी जानकारी प्राप्त करें।
 

ब्रह्म मुहूर्त का महत्व


Brahma muhurta: नितेश तिवारी द्वारा निर्देशित बहुचर्चित फिल्म 'रामायण' 30 जुलाई को सुबह 4:15 बजे विश्वभर में रिलीज हुई। निर्माताओं ने इस विशेष समय को हिंदू परंपरा के अनुसार पवित्र ब्रह्म मुहूर्त से जोड़ा है। उन्होंने एक नया पोस्टर जारी करते हुए कहा कि हम शुभ ब्रह्म मुहूर्त में अपने ट्रेलर के साथ रामायण की नई सुबह का स्वागत करते हैं। आइए जानते हैं कि ब्रह्म मुहूर्त क्या है और इस समय का उपयोग कैसे किया जाना चाहिए।


ब्रह्म मुहूर्त की परिभाषा

ब्रह्म मुहूर्त का शाब्दिक अर्थ है, सृष्टिकर्ता का समय। यह वह समय है जब परम ज्ञान को ग्रहण करने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 3:30 बजे से 5:30 बजे के बीच होता है।


यह सूर्योदय से ठीक 2 मुहूर्त (1 मुहूर्त = 48 मिनट) पहले शुरू होता है, यानी यह सूर्योदय से 1 घंटा 36 मिनट पहले शुरू होता है और 48 मिनट पहले समाप्त होता है।


ब्रह्म मुहूर्त के लाभ

इंटरनेशनल जर्नल ऑफ योगा एंड एलाइड साइंसेज के अनुसार, इस समय वातावरण में नवजात ऑक्सीजन की प्रचुरता होती है। यह ऑक्सीजन हीमोग्लोबिन के साथ मिलकर ऑक्सीहीमोग्लोबिन बनाती है, जिसके कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं।



  • रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि

  • ऊर्जा स्तर में सुधार

  • रक्त का पीएच संतुलित रहना

  • दर्द, सूजन और ऐंठन से राहत

  • खनिजों और विटामिनों का बेहतर अवशोषण


ब्रह्म मुहूर्त में करने योग्य कार्य

हमारे पूर्वजों का मानना था कि ब्रह्म मुहूर्त में कुछ कार्य आत्म-चिंतन में सहायक होते हैं। ये कार्य इस समय को विशेष और फलदायी बनाते हैं।


ध्यान करें


यह समय ध्यान करने के लिए सर्वोत्तम है, जब पूरी दुनिया सो रही होती है। सहज समाधि ध्यान इस समय का एक उत्कृष्ट विकल्प है।


ज्ञान का अध्ययन करें


यह समय आध्यात्मिक ज्ञान और बुद्धि प्राप्त करने के लिए उपयुक्त है। प्राचीन ग्रंथों का अध्ययन करें।


अपने दिन की योजना बनाएं


यह समय आपके दिन की योजना बनाने के लिए सबसे उपयुक्त है।


आत्मनिरीक्षण करें


पिछले दिन के कार्यों का अवलोकन करें और नकारात्मक भावनाओं पर नियंत्रण पाने का प्रयास करें।


महत्वपूर्ण लोगों को याद करें


अपने माता-पिता, गुरु और ईश्वर को याद करें और उन्हें नमन करें।


ब्रह्म मुहूर्त में क्या न करें

भोजन न करें


इस समय भोजन करने से स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।


तनाव वाली गतिविधियों से बचें


ऐसी गतिविधियों से दूर रहें जो मानसिक तनाव उत्पन्न करती हैं।


किसे नहीं जागना चाहिए

अष्टांग हृदय के अनुसार, केवल स्वस्थ व्यक्ति को ही ब्रह्म मुहूर्त में जागना चाहिए। गर्भवती महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग, मानसिक और शारीरिक रोगों से ग्रस्त लोग, और जिनका भोजन पच नहीं पाया है, उन्हें इस समय जागने से मना किया गया है।