1 अक्टूबर से लागू होने वाले 5 महत्वपूर्ण वित्तीय बदलाव
महत्वपूर्ण वित्तीय बदलाव
नई दिल्ली: सितंबर का महीना खत्म होते ही 1 अक्टूबर से आम जनता की आर्थिक स्थिति और दैनिक जीवन पर प्रभाव डालने वाले कई महत्वपूर्ण वित्तीय और नीतिगत परिवर्तन लागू होने जा रहे हैं। इन नए नियमों का सीधा असर रसोई गैस की लागत, हवाई यात्रा, बैंकिंग सेवाएं, त्योहारी खरीदारी और बैंकों में जमा राशि पर पड़ेगा। यहां 1 अक्टूबर से प्रभावी होने वाले पांच प्रमुख बदलावों की जानकारी दी गई है:
1. रसोई गैस की कीमतें और OTP आधारित डिलीवरी
हर महीने की पहली तारीख को तेल विपणन कंपनियां एलपीजी सिलेंडरों के नए दाम घोषित करेंगी। इसके साथ ही, 30 सितंबर तक बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन और ई-केवाईसी (e-KYC) कराने का अंतिम अवसर है। जिन उपभोक्ताओं ने ई-केवाईसी नहीं की है, उनकी सब्सिडी प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा, सिलेंडर की डिलीवरी को पारदर्शी बनाने के लिए ओटीपी-आधारित प्रणाली लागू की जा रही है, जिसके तहत रजिस्टर्ड मोबाइल पर आए ओटीपी के सत्यापन के बाद ही सिलेंडर दिया जाएगा।
2. हवाई ईंधन की कीमतों में बदलाव
1 अक्टूबर को ऑयल मार्केटिंग कंपनियां एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में भी संशोधन करेंगी। एटीएफ की कीमतों में बदलाव का सीधा असर एयरलाइंस के टिकटों पर पड़ेगा। त्योहारों के मौसम में एटीएफ की दरों में परिवर्तन से यात्रियों के खर्च में वृद्धि या कमी हो सकती है।
3. SBI ग्राहकों के लिए नए ATM चार्ज
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के खाताधारकों के लिए 1 अक्टूबर से एटीएम निकासी पर नया चार्ज ढांचा लागू होगा। बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट (BSBD) खाताधारकों को महीने में 4 बार मुफ्त निकासी की सुविधा मिलेगी, इसके बाद प्रति ट्रांजैक्शन 15 रुपये और जीएसटी देना होगा। वहीं, सैलरी खाताधारकों के लिए मुफ्त एटीएम निकासी की सीमा 10 से घटाकर 5 कर दी गई है।
4. त्योहारी सीजन में घरेलू उपकरणों की कीमतें बढ़ेंगी
त्योहारों के दौरान नए होम अप्लायंसेज खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों को महंगाई का सामना करना पड़ सकता है। तांबा, स्टील, एल्युमीनियम और कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण कंपनियां टीवी, रेफ्रिजरेटर, वॉशिंग मशीन और एयर कंडीशनर (AC) की कीमतों में 8 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर सकती हैं।
5. फिक्स्ड डिपॉजिट के नियमों में बदलाव
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, 1 अक्टूबर से बैंकों को अपनी एफडी ब्याज दरों की जानकारी रोजाना सुबह 10 बजे तक अपनी वेबसाइट पर अपडेट करनी होगी। इसके अलावा, बैंकों को एक ही तारीख पर स्वीकार की गई एफडी पर समान ब्याज दरें देने का निर्देश दिया गया है।