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15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी का आईपीएल में विवाद: क्या है चाइल्ड लेबर का मामला?

15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी की आईपीएल में सफलता अब एक विवाद का कारण बन गई है। कर्नाटक के एक सामाजिक कार्यकर्ता ने उन पर आरोप लगाया है कि इतनी कम उम्र में उन्हें आईपीएल जैसे दबाव वाले टूर्नामेंट में उतारना 'बाल मजदूरी' के समान है। कार्यकर्ता ने कहा है कि वह इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराएंगे। इस बीच, वैभव का प्रदर्शन मैदान पर शानदार रहा है, जहां उन्होंने 10 मैचों में 404 रन बनाए हैं। जानें इस विवाद का क्या असर पड़ेगा उनके भविष्य पर।
 

दिल्ली में उठे गंभीर सवाल

दिल्ली, 03 मई। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में राजस्थान रॉयल्स के युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी की सफलता अब एक विवाद का कारण बन गई है। कर्नाटक के एक सामाजिक कार्यकर्ता ने एक टीवी चर्चा में राजस्थान रॉयल्स प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि इतनी कम उम्र में वैभव को आईपीएल जैसे व्यावसायिक और दबाव वाले टूर्नामेंट में शामिल करना 'बाल मजदूरी' के समान है। कार्यकर्ता ने बताया कि वह जल्द ही इस मामले में बच्चों के अधिकारों और बाल मजदूरी कानूनों के उल्लंघन के तहत पुलिस में शिकायत दर्ज कराएंगे।


“क्रिकेट नहीं, स्कूल जाने की उम्र”

चर्चा के दौरान, कार्यकर्ता ने राजस्थान रॉयल्स पर बच्चे के शोषण का आरोप लगाते हुए कहा कि वैभव अभी नाबालिग हैं और उन्हें शिक्षा से दूर रखकर पेशेवर क्रिकेट में धकेलना गलत है। उन्होंने कहा कि एक 15 साल के लड़के का आईपीएल में खेलना समाज के अन्य बच्चों पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। उनके अनुसार, “उसे इस उम्र में अपनी पढ़ाई पूरी करनी चाहिए, न कि इतने बड़े लीग का हिस्सा बनना चाहिए।” यह मामला अब खेल जगत और कानूनी विशेषज्ञों के बीच बहस का नया केंद्र बन गया है कि क्या पेशेवर खेलों को श्रम कानूनों के दायरे में लाया जा सकता है।


ऑरेंज कैप की रेस में दिग्गजों को पछाड़ा

जहां एक ओर वैभव को लेकर विवाद बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर उनके खेल में भी शानदार प्रदर्शन जारी है। 15 साल की उम्र में उन्होंने इस सीजन के 10 मैचों में 40.4 की औसत से 404 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट लगभग 238 है, जो बेहद चौंकाने वाला है। वैभव फिलहाल आईपीएल 2026 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में चौथे स्थान पर हैं। उनके आक्रामक खेल ने राजस्थान रॉयल्स को प्लेऑफ की दौड़ में बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।


क्या कहता है बीसीसीआई का नियम?

वैभव की इस उपलब्धि ने आईपीएल के इतिहास में सबसे युवा खिलाड़ी का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है। हालांकि, आईपीएल और बीसीसीआई के नियमों के तहत टैलेंटेड युवाओं को मौका दिया जाता रहा है, लेकिन 'बाल मजदूरी' का यह नया एंगल राजस्थान रॉयल्स के लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है। फिलहाल फ्रेंचाइजी या बीसीसीआई की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। खेल प्रेमियों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह विवाद वैभव के शानदार सीजन और उनके भविष्य पर कोई ब्रेक लगाएगा या वह अपनी निर्भीक बल्लेबाजी जारी रखेंगे।