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2023-24 में गैर मान्यता प्राप्त दलों को मिला 1700 करोड़ का चंदा

भारत में गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को वर्ष 2023-24 में 1700 करोड़ रुपये का चंदा मिला है, जबकि इनमें से अधिकांश के पास कोई विधायक या सांसद नहीं है। इस चौंकाने वाली जानकारी के अनुसार, केवल 6 दलों ने इस राशि का हिस्सा प्राप्त किया, जबकि अन्य प्रमुख दलों को मिलाकर 1480 करोड़ रुपये का चंदा मिला। इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इन दलों ने लोकसभा चुनाव 2024 में केवल 15 उम्मीदवार उतारे, जिनमें से कोई भी जीत नहीं सका। जानें इस चंदे के पीछे की कहानी और इन दलों की चुनावी भागीदारी के बारे में।
 

राजनीतिक दलों की श्रेणियाँ

भारत में तीन प्रकार की राजनीतिक पार्टियाँ होती हैं: राष्ट्रीय दल, क्षेत्रीय दल, और गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल, जिन्हें संक्षेप में RUPP कहा जाता है। हाल ही में जानकारी सामने आई है कि इन RUPP में से केवल 6 दलों ने वर्ष 2023-24 में कुल 1700 करोड़ रुपये का चंदा प्राप्त किया। इन दलों के पास न तो कोई विधायक है और न ही सांसद। कुछ दलों के कार्यालय भी बंद हैं और उनके सदस्यों ने जिम्मेदारी लेने से परहेज किया है। इसके बावजूद, इन दलों को इतनी बड़ी राशि मिलने से हड़कंप मच गया है।


चंदा और चुनावी उम्मीदवार

यह जानकारी एक रिपोर्ट के माध्यम से सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2023-24 में इन 6 दलों को 1700 करोड़ रुपये का चंदा मिला, जबकि बीजेपी को छोड़कर अन्य पांच दलों को मिलाकर केवल 1480 करोड़ रुपये का चंदा मिला। इनमें कांग्रेस और आम आदमी पार्टी जैसे प्रमुख दल भी शामिल हैं। दिलचस्प बात यह है कि इन 6 दलों ने लोकसभा चुनाव 2024 में केवल 15 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा, जिनमें से कोई भी जीत नहीं सका।


चंदे की राशि का वितरण

रिपोर्ट के अनुसार, देश में लगभग 2727 RUPP हैं, जिनमें से 6 दलों को 2023-24 में बड़ी मात्रा में चंदा मिला। आम जनमत पार्टी को सबसे अधिक 620.24 करोड़ रुपये का चंदा मिला, जबकि इसने 2024 के लोकसभा चुनाव में केवल एक उम्मीदवार उतारा। 2020 तक इस पार्टी को 20 हजार रुपये से अधिक का चंदा नहीं मिला था। 2022-23 में इसे 216 करोड़ और फिर 2023-24 में 620 करोड़ रुपये का चंदा मिला।


अन्य चुनावों में भागीदारी

आम जनमत पार्टी ने 2020 में बिहार और 2025 में दिल्ली के चुनावों में कुछ उम्मीदवार उतारे। इसी तरह, सत्यवादी रक्षक पार्टी ने गुजरात में 2022 में, स्वतंत्रता अभिव्यक्ति पार्टी ने गुजरात (2022) और राजस्थान (2023) में उम्मीदवार उतारे। न्यू इंडिया यूनाइटेड पार्टी ने दिल्ली (2025) और बिहार (2025) में, भारतीय नेशनल जनता दल ने गुजरात (2017 और 2026 उपचुनाव) और पश्चिम बंगाल (2026) में उम्मीदवार उतारे। गरीब कल्याण पार्टी ने किसी भी विधानसभा चुनाव में भाग नहीं लिया।