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2024 में भारत में अपराध दर में कमी, लेकिन महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़े

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) ने 2024 के लिए अपराध के आंकड़े जारी किए हैं, जिसमें कुल 35.44 लाख आपराधिक घटनाएं दर्ज की गई हैं। हालांकि, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध में 8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। रेप के मामलों में हर दिन औसतन 107 मामले सामने आते हैं, लेकिन इनमें से केवल 24 प्रतिशत मामलों में ही सजा मिल पाई है। राजस्थान में रेप के मामलों की स्थिति सबसे खराब है, जबकि दिल्ली में भी मामले बढ़ रहे हैं। जानिए और क्या कहते हैं ये आंकड़े।
 

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़े

हाल ही में, नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) ने 2024 के लिए अपने आंकड़े जारी किए हैं। इन आंकड़ों के अनुसार, 2023 की तुलना में इस वर्ष देश में अपराध की दर में कमी आई है, जिसमें कुल 35.44 लाख आपराधिक घटनाएं दर्ज की गईं। हालांकि, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध में 8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। रेप के मामलों में थोड़ी कमी आई है, लेकिन औसतन हर दिन 107 रेप के मामले दर्ज होते हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से केवल 24 प्रतिशत मामलों में ही सजा मिल पाई है।


पिछले साल की तुलना में अपराध के आंकड़े

2023 में 37.63 लाख आपराधिक मामले दर्ज हुए थे, जिनमें से 72.7 प्रतिशत मामलों में चार्जशीट दाखिल की गई थी। वहीं, 2024 में 35.44 लाख मामले दर्ज हुए और 72.1 प्रतिशत मामलों में चार्जशीट पेश की गई। हत्या के मामलों में 2.4 प्रतिशत की कमी आई है, जबकि अपहरण के मामलों में 15.4 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। NCRB के आंकड़ों के अनुसार, हत्या के 43,973 मामलों में जांच की गई और 22,963 मामलों में चार्जशीट दाखिल की गई। चार्जशीट की दर 84.7 प्रतिशत है।


रेप के मामलों में सजा की दर

NCRB के आंकड़ों के अनुसार, 2024 में रेप के 39,274 मामलों में से केवल 24,614 में चार्जशीट दाखिल की गई। इनमें से 5,032 मामलों में ही दोषी पाए गए। इसका मतलब है कि लगभग 20,000 मामलों में ट्रायल पूरा हुआ और दोषी पाए जाने की दर 24.4 प्रतिशत रही। इसका अर्थ है कि रेप के मामलों में लगभग 75 प्रतिशत आरोपी बरी हो गए हैं।


राज्यों में अपराध की स्थिति

राजस्थान में रेप के मामलों की स्थिति सबसे खराब रही, जहां 4,871 मामले दर्ज हुए। दिल्ली में 1,058 रेप के मामले सामने आए, जो औसतन हर दिन तीन मामले हैं। सिक्किम में केवल 7 मामले दर्ज हुए। पश्चिम बंगाल में 1,118, उत्तर प्रदेश में 3,209, महाराष्ट्र में 3,091, मध्य प्रदेश में 3,061 और हरियाणा में 1,391 रेप के मामले सामने आए।