23 वर्षीय कुलविंदर की तिरंगे में लिपटी पार्थिव देह घर पहुंची
कुलविंदर का देशभक्ति का सफर
तीन साल पहले अग्निवीर के रूप में सेना में भर्ती हुए कुलविंदर
बरनाला : देशभक्ति के जज्बे से प्रेरित होकर और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के उद्देश्य से कुलविंदर सिंह ने सेना में अग्निवीर के रूप में भर्ती होने का निर्णय लिया। हाल ही में उनकी ड्यूटी के दौरान तबीयत बिगड़ने से उनकी मृत्यु हो गई।
कुलविंदर सिंह सेना की 113 इंजीनियर यूनिट में कार्यरत थे और उनकी पोस्टिंग फिरोजपुर में थी। सैन्य अधिकारियों के अनुसार, उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई और इसी दौरान उनकी सांसें थम गईं।
2023 में अग्निवीर के रूप में भर्ती
कुलविंदर के परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी। उन्होंने तीन साल पहले, 2023 में, देशभक्ति के जज्बे के साथ सेना में भर्ती होने का निर्णय लिया। उनकी असामयिक मृत्यु ने परिवार पर गहरा दुख छोडा है।
उनकी पार्थिव देह तिरंगे में लिपटी हुई उनके पैतृक गांव काहनेके पहुंची। सैन्य अधिकारियों की एक टुकड़ी ने उन्हें पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी। धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार उनका अंतिम संस्कार किया गया।
परिवार की आर्थिक स्थिति
कुलविंदर के पिता, जगसीर सिंह ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर है और वे दिहाड़ी मजदूरी करके मुश्किल से गुजारा कर रहे हैं। जब उन्हें बेटे की तबीयत खराब होने की सूचना मिली, तो आर्थिक तंगी के कारण वे फिरोजपुर जाकर बेटे से मिलने के लिए किराए के पैसे भी नहीं जुटा सके।
कुलविंदर परिवार का मुख्य कमाने वाला सदस्य था।
सरकार से सहायता की मांग
अब परिवार में केवल माता-पिता और एक छोटा भाई रह गए हैं। परिवार ने पंजाब और केंद्र सरकार से आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। ग्रामीणों ने भी सरकार से परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की अपील की है।