48 साल बाद लौट आई पत्नी, पति की आंखों में खुशी के आंसू
एक अनोखी प्रेम कहानी
पटना: कहते हैं कि सच्चा इंतजार कभी बेकार नहीं जाता। बिहार के पटना जिले के बरियारपुर गांव में एक ऐसी ही भावुक कहानी सामने आई है, जिसने सभी को प्रभावित किया। एक बुजुर्ग पति की आंखों में तब आंसू आ गए जब उनकी बिछड़ी पत्नी अचानक घर लौट आई। 48 वर्षों का इंतजार खत्म होने पर दोनों की आंखों से खुशी के आंसू बह निकले।
शादी के कुछ महीनों बाद हो गई थीं जुदा
ललन मिश्रा ने अपनी पत्नी निर्मला देवी के साथ जीवन बिताने का सपना देखा था, लेकिन शादी के महज छह महीने बाद वह मायके चली गईं और फिर कभी वापस नहीं आईं। ललन ने उन्हें खोजने की बहुत कोशिश की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। बाद में पता चला कि वह दरभंगा में रह रही थीं।
पत्नी के इंतजार में बीती पूरी जिंदगी
पत्नी के बिछड़ने का दुख ललन के जीवन पर गहरा असर डाल गया। उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी और मानसिक तनाव में रहे। परिवार के सदस्य बताते हैं कि उन्होंने कभी दूसरी शादी करने का विचार नहीं किया और पूरी जिंदगी अकेले बिताई। उन्हें हमेशा विश्वास था कि उनकी पत्नी एक दिन लौटेगी।
नागपुर में शिक्षिका बनीं निर्मला देवी
निर्मला देवी ने बताया कि ससुराल के कुछ सदस्यों के व्यवहार के कारण उन्होंने घर छोड़ने का निर्णय लिया। मायके लौटने के बाद उनके पिता ने उन्हें नागपुर के एक सरकारी स्कूल में नौकरी दिलवाई, जहां वह कई वर्षों तक शिक्षिका के रूप में कार्यरत रहीं।
गोदना बना पहचान का सबसे बड़ा सबूत
जब निर्मला देवी अपने ससुराल लौटीं, तो उन्होंने अपने हाथ पर बना गोदना दिखाया, जो उन्होंने शादी के समय अपने पति की याद में बनवाया था। इसे देखकर ललन भावुक हो गए और परिवार के अन्य सदस्य भी इस दृश्य को देखकर चकित रह गए।
थाने पहुंचकर ली पति की जानकारी
घर लौटने से पहले, निर्मला देवी ने बख्तियारपुर थाने जाकर अपने पति और परिवार के बारे में जानकारी प्राप्त की। इसके बाद वह सीधे बरियारपुर अपने ससुराल पहुंचीं। जैसे ही परिवार को उनके लौटने की खबर मिली, घर में खुशी का माहौल बन गया।
एक नई शुरुआत
करीब पांच दशक बाद हुए इस मिलन ने पूरे गांव को भावुक कर दिया। जिस घर में वर्षों से इंतजार और अकेलापन था, वहां अब खुशियों की बहार लौट आई है। जीवन के अंतिम पड़ाव में एक-दूसरे का साथ पाकर दोनों के चेहरे पर संतोष और सुकून साफ दिखाई दे रहा है।