50 वर्षों से अनिद्रा का सामना कर रहे रीवा के रिटायर्ड ज्वाइंट कलेक्टर
मध्य प्रदेश के रीवा में अनोखी स्थिति
रीवा: मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक अद्भुत मामला सामने आया है, जिसने चिकित्सा विज्ञान के कई सिद्धांतों को चुनौती दी है। यहां के रिटायर्ड ज्वाइंट कलेक्टर मोहनलाल द्विवेदी का दावा है कि वे पिछले 50 वर्षों से एक पल के लिए भी नहीं सोए हैं। सामान्यतः, एक व्यक्ति को 24 घंटे में 6 से 8 घंटे की नींद की आवश्यकता होती है, लेकिन 75 वर्षीय मोहनलाल का कहना है कि उन्होंने पिछले पांच दशकों से नींद नहीं ली है, फिर भी वे पूरी तरह से स्वस्थ हैं। उनकी इस असामान्य स्थिति ने चिकित्सकों को भी हैरान कर दिया है।
शरीर की अनोखी स्थिति
पत्थर जैसा शरीर, दर्द का अहसास नहीं
मोहनलाल द्विवेदी केवल अनिद्रा से ही नहीं, बल्कि एक और रहस्यमय स्थिति का सामना कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनका शरीर 'पत्थर' जैसा कठोर हो गया है। चोट लगने पर भी उन्हें किसी प्रकार का दर्द महसूस नहीं होता। मोहनलाल बताते हैं कि 1973 में जब उन्होंने लेक्चरर के रूप में कार्य करना शुरू किया, तभी से उनकी नींद अचानक गायब हो गई। उन्होंने शुरुआत में इस बारे में किसी को नहीं बताया और पूरी रात जागते रहे। आश्चर्य की बात यह है कि पूरी रात जागने के बावजूद उनकी आंखों में जलन नहीं होती और उनकी दिनचर्या पर कोई असर नहीं पड़ता।
इलाज के प्रयास और डॉक्टरों की दुविधा
दिल्ली-मुंबई तक इलाज कराया, डॉक्टर भी हैरान
जब उनकी समस्या बढ़ी, तो परिवार ने पहले झाड़-फूंक का सहारा लिया, लेकिन जब कोई लाभ नहीं हुआ, तो चिकित्सकीय सलाह ली गई। मोहनलाल ने रीवा और जबलपुर से लेकर दिल्ली और मुंबई के बड़े अस्पतालों में जांच कराई, लेकिन डॉक्टर उनकी इस स्थिति का कारण नहीं खोज पाए। दिलचस्प बात यह है कि उनकी पत्नी नर्मदा द्विवेदी भी नींद की समस्या से जूझ रही हैं और वह भी केवल 3 से 4 घंटे सो पाती हैं। 1974 में एमपीपीएससी क्वालिफाई करने के बाद से लेकर 2001 में ज्वाइंट कलेक्टर के पद से रिटायर होने तक, उन्होंने अपना पूरा कार्यकाल बिना सोए बिताया। वे अपनी रातें किताबें पढ़ने और छत पर टहलने में बिताते हैं।
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञ बोले- जांच के बाद ही खुलेगा राज
रीवा के संजय गांधी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा का कहना है कि चिकित्सा विज्ञान में नींद न आने के कई कारण हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि मानसिक रोग विभाग में स्लीप डिसऑर्डर पर गहन अध्ययन किया जाता है। डॉ. मिश्रा के अनुसार, यदि पति-पत्नी या परिवार में एक जैसी समस्या है, तो यह आनुवंशिक कारणों से भी हो सकता है। हालांकि, दर्द का अहसास न होना और 50 वर्षों तक बिना सोए रहना एक अत्यंत दुर्लभ और जटिल स्थिति है। डॉक्टरों का मानना है कि विस्तृत जांच के बाद ही यह रहस्य खुल सकेगा कि मोहनलाल इतने वर्षों से बिना नींद के कैसे स्वस्थ हैं।